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Agency:Local18
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Telangana News: अमेरिका में 9वीं कक्षा में पढ़ रहे अर्णव रेड्डी ने अपने गांव नीरुकुल्ला के स्कूलों के लिए बेंच, किताबें और लाइब्रेरी की व्यवस्था की. उन्होंने यह सब चाय बेचकर कमाए पैसों से किया.
अमेरिका में चाय बेचकर तेलंगाना के स्कूलों की मदद
पेद्दापल्ली: तेलंगाना में पेद्दापल्ली जिले के नीरुकुल्ला गांव के रहने वाले जगदीश्वर रेड्डी और ऐश्वर्या 25 साल पहले नौकरी के सिलसिले में अमेरिका चले गए और वहीं बस गए. उनके दो बेटे हैं, ऋत्विक रेड्डी और अर्णव रेड्डी. यह परिवार अमेरिका में रहते हुए भी साल में एक बार अपने गांव नीरुकुल्ला आता है और कुछ दिन बिताकर वापस लौट जाता है. ऐसे ही एक मौके पर अर्णव रेड्डी ने नीरुकुल्ला के कुछ स्कूलों का दौरा किया. वहां की सुविधाओं और छात्रों की स्थिति देखकर वह भावुक हो गया. उसने तुरंत ही उनके लिए कुछ करने का निर्णय लिया. माता-पिता ने मदद की पेशकश की, लेकिन अर्णव ने खुद के कमाए पैसों से सेवा करने का निश्चय किया.
अमेरिका में चाय बेचने वाला अर्णव
बता दें कि अर्णव रेड्डी अमेरिका में 9वीं कक्षा में पढ़ रहा है. वहां की सुविधाओं की तुलना में यहां के छात्रों की स्थिति देखकर वह भावुक हो गया. उसने किसी पर निर्भर न रहते हुए खुद से कमाई करने का निर्णय लिया और आशाज्योति फाउंडेशन के तहत हर रविवार अपने भाई ऋत्विक रेड्डी के साथ चाय, बिस्किट और समोसा बेचना शुरू किया. उसकी मां ऐश्वर्या ने चाय, बिस्किट और समोसा बनाकर दिया.
अमेरिकियों ने अर्णव की सोच को समझकर उससे सामान खरीदा और जितनी हो सकी उतनी मदद की. इस सहायता से अर्णव ने नीरुकुल्ला गांव के सरकारी स्कूल में बेंच, किताबें और लाइब्रेरी की व्यवस्था की. इसके साथ ही वह गांव के छात्रों को अंग्रेजी सिखाने और उनके कौशल विकास (Skill Development) के लिए हर रविवार अमेरिका से ऑनलाइन अंग्रेजी कक्षा लेता है.
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बता दें कि अमेरिका में रहते हुए भी आर्थिक रूप से किसी परेशानी के बिना पढ़ाई करने की उम्र में अपने पिता के गांव के छात्रों की स्थिति देखकर अर्णव ने जो प्रतिक्रिया दी, उसकी सभी ने तारीफ की है. जिला कलेक्टर हर्षा और जिला शिक्षा अधिकारी माधवी ने अर्णव की प्रशंसा की. अर्णव के माता-पिता ने ‘लोकल 18’ से गूगल मीट पर बात करते हुए कहा, “अर्णव का दिल संवेदनशील है,” और इसलिए उसने गांव के स्कूलों की स्थिति देखकर मदद की. उन्होंने कहा कि भविष्य में नीरुकुल्ला के छात्रों के लिए और भी मदद करने की कोशिश करेंगे.
February 05, 2025, 11:03 IST
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