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इजिप्ट में खोजकर्ताओं ने 45 सौ साल पुराना मंदिर ढूंढ निकाला है. ये मंदिर नील नदी के किनारे बना था. इस मंदिर में सूर्य देव की आराधना की जाती थी. मंदिर के निर्माण के स्टाइल और उसके यूनिक अंदाज ने दुनिया भर में इसकी चर्चा शुरू कर दी है.

भारत में आपको कई मंदिर मिल जायेंगे. इनमें से कुछ मंदिर तो सैंकड़ों-हजारों साल पुराने हैं. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि हिंदू धर्म की जड़ें देश में काफी पुरानी है. भारत हिंदुओं का गढ़ है. लेकिन ऐसा नहीं है कि हिंदू धर्म सिर्फ भारत तक ही इसके सबूत इजिप्ट में भी मिले हैं. भारत में कई देवी-देवताओं की पूजा की जाती है. इसी तरह के बाली, इंडोनेशिया में भी कई मंदिर हैं. अब पिरामिड्स के देश इजिप्ट में भी खोजकर्ताओं ने 45 सौ पुराना मंदिर ढूंढ निकाला है.
इजिप्ट के कैरो से 14 किलोमीटर दूर अबू घुरब में इस मंदिर के अवशेष मिले हैं. ये नील नदी से आठ किलोमीटर दूर है. इस मंदिर के अवशेष एक हजार स्क्वायर किलोमीटर तक पाए गए हैं. सबसे खास बात कि इस मंदिर में सूर्य देव की आराधना की जाती थी. वहां उन्हें गॉड रा के नाम से जाना जाता है. इजिप्शियन माइथोलॉजी के मुताबिक, गॉड रा को फादर ऑफ ऑल क्रिएशन कहा जाता है. अभी तक की जानकारी के मुताबिक, मंदिर को फरोह न्यूसेररे इनि के कहने पर बनाया गया था. उन्होंने इजिप्ट पर 2420 से 2389 BC तक राज किया था.
मिले ऐसे अवशेष
इजिप्ट के मिनिस्ट्री ऑफ़ टूरिज्म एंड एंटीक्स ने बताया कि मंदिर के ढांचे के अवशेष में कई चीजें मिली है. इसमें दीवार पर एक कैलेंडर गुदा हुआ मिला, जिसमें उस समय के सारे धार्मिक कार्यक्रमों का लेखाजोखा था. इसके अलावा मंदिर की दीवारों पर आर्ट देखने को मिला. इस अवशेष को इलाके के सबसे बड़े मंदिर के तौर पर देखा जा रहा है. इसके अलावा खुदाई में कई बर्तन भी मिले जो सेरेमिक थे. इस मंदिर के बारे में सबसे पहले 1901 में एक जर्मन आर्कियोलॉजिस्ट ने पता लगाया था. लेकन इसकी खुदाई नहीं की जा सकी थी. दरअसल, इलाके में ग्राउंडवाटर का लेवल काफी ऊंचा था. इस कारण खुदाई का काम बाधित हो जाता था.
धीरे-धीरे मिले सबूत
इसके बाद 2024 से धीरे-धीरे मंदिर की खुदाई हुई और आधे से अधिक अवशेष मिल गए. इस खुदाई में मंदिर का असली एंट्रेंस मिला. साथ ही कई तरह के स्लैब और डोर मिले. दीवारों के हिस्से और उनमें उभरे डिजाइन भी बरामद हुए. इस खुदाई के मुख्य आर्कियोलॉजिस्ट मस्सिमिलिआनो नज़्ज़ालो ने बताया कि इस मंदिर की छत का इस्तेमाल कई तरह के एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेशन के लिए किया जाता था. अब इस मंदिर के बाकि रहस्य ढूंढने में सब लगे हैं.
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न्यूज 18 में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हूं. रीजनल सेक्शन के तहत राज्यों में हो रही उन घटनाओं से आपको रूबरू करवाना मकसद है, जिसे सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा है. ताकि कोई वायरल कंटेंट आपसे छूट ना जाए.
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