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इस रहस्यमयी नदी में छुपे हैं 1000 शिवलिंग, सबका अपना नंदी, दर्शन करने के लिए अनोखा शर्त

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Viral News: भारत बेमिसाल कुदरती खूबसूरती की धरती है. यहां अनगिनत खूबसूरत जगहें हैं. ऐसा ही एक रत्न है कर्नाटक का सहस्रलिंग, जो सिरसी शहर में एक मशहूर तीर्थस्थल है. शालमला नदी के किनारे चट्टानों पर बने लगभग 1,000 बारीकी से उकेरे गए शिव लिंगों के लिए मशहूर, सहस्रलिंग देश भर से भक्तों को अपनी ओर खींचता है.

यह तीर्थस्थल देश भर से भक्तों को अपनी ओर खींचता है. हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो ने सबका ध्यान खींचा है जिसमें सहस्रलिंग की कुदरती खूबसूरती और उसके आस-पास का साफ-सुथरा माहौल दिखाया गया है.

सहस्रलिंग का वीडियो वायरल हुआ

क्लिप को इस कैप्शन के साथ शेयर किया गया, ‘शिवलिंग से भरी एक नदी- सहस्रलिंग, कर्नाटक. राजा सदाशिव-आर्यवर्मा ने शालमला नदी के किनारे चट्टानों पर इसे खुदवाया था. बताते चलें कि हर लिंग के सामने उसका अपना नंदी है. पानी कम होने पर यह सबसे अच्छा दिखता है. एक दिव्य नजारा दिखता है.’

आज भी जस की तस

वीडियो में तीर्थस्थल दिखाया गया है जब पानी कम होता है, और शिवलिंग दिखाई देते हैं. कुछ लिंगों के पास माला और फूल दिखाई दे रहे हैं. नदी के पानी के ज़ोर से लिंग या उनके आस-पास नंदी की नक्काशी खराब नहीं हुई है. मौके पर एक साइन भी है, जो लोगों को जगह को साफ़ रखने की चेतावनी देता है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई यूज़र इस क्लिप से बहुत इम्प्रेस हुए. एक व्यक्ति ने कहा, ‘यह जगह बहुत सुंदर है..पत्थरों पर बने शिवलिंग से भरी दिव्य जगह. एक अन्य यूजर ने नारा लगाया, ‘हर हर महादेव!’ एक यूज़र ने दावा किया, ‘यह नैचुरल है, किसी ने इसे तराशा नहीं है, और ये पत्थर इस ग्रह के नहीं हैं जय काल भैरव.’ एक अकाउंट ने चेतावनी देते हुए कहा. कमेंट में लिखा था, ‘कुछ सालों में, ये गायब हो जाएंगे. पहले से ही कुछ गायब थे.’

सहस्रलिंग के बारे में सब कुछ

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह तीर्थस्थल महा शिवरात्रि के दौरान भक्तों के लिए एक लोकप्रिय जगह है. सहस्रलिंग के दर्शन तब करना सबसे अच्छा होता है जब पानी का लेवल कम हो, ताकि नक्काशी दिखाई दे.

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