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एक वीडियो, लाखों फॉलोअर्स और करोड़ों की कमाई, इन्फ्लुएंसर बनकर कैसे कमाएं?

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नई दिल्ली. आज के डिजिटल युग में हर किसी के हाथ में कैमरा है और हर स्क्रीन एक नया मौका बन चुकी है. पहले जहां स्टार बनने के लिए फिल्म या टीवी का सहारा लेना पड़ता था, वहीं अब सिर्फ एक स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन से लोग इन्फ्लुएंसर बनकर करोड़ों रुपये कमा रहे हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे YouTube, Instagram, TikTok, X (Twitter) और Facebook ने लोगों को ऐसा प्लेटफॉर्म दिया है, जहां पर्सनल पहचान ही एक ब्रांड बन गई है.

कौन होता है इन्फ्लुएंसर?
इन्फ्लुएंसर वो शख्स होता है जिसके सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की संख्या इतनी होती है कि उसकी बात लोगों के फैसले को प्रभावित करती है. चाहे वो फैशन, फूड, फिटनेस, फाइनेंस या ट्रैवल में रुचि रखते हों, हर क्षेत्र में इन्फ्लुएंसर अपनी पहचान बना चुके हैं. उदाहरण के लिए, कोई फूड ब्लॉगर रेस्टोरेंट की रिव्यू करके कमाता है, तो कोई टेक क्रिएटर नए गैजेट्स के अनबॉक्सिंग वीडियो से.

इन्फ्लुएंसर कैसे कमाते हैं?
इन्फ्लुएंसर की कमाई के कई सोर्स होते हैं. यहां मुख्य तरीके बताए गए हैं-

ब्रांड कोलैबोरेशन और स्पॉन्सरशिप
जब किसी इन्फ्लुएंसर के पास हजारों या लाखों फॉलोअर्स होते हैं, तो कंपनियां अपने प्रोडक्ट या सर्विस को प्रमोट करने के लिए उनसे जुड़ती हैं. एक पोस्ट या वीडियो के बदले लाखों रुपये तक की डील मिल सकती है.

अफिलिएट मार्केटिंग
इन्फ्लुएंसर किसी कंपनी के लिंक शेयर करते हैं, और जब कोई शख्स उस लिंक से प्रोडक्ट खरीदता है, तो उन्हें कमीशन मिलता है.

यूट्यूब मॉनेटाइजेशन
यूट्यूब पर विज्ञापन चलाकर क्रिएटर्स पैसे कमाते हैं. कुछ लोकप्रिय यूट्यूबर्स हर महीने लाखों व्यूज से 5–10 लाख रुपये तक कमा लेते हैं.

पेड सब्सक्रिप्शन या एक्सक्लूसिव कंटेंट
अब कई प्लेटफॉर्म मेंबरशिप या सब्सक्रिप्शन मॉडल भी दे रहे हैं, जहां फैंस अपने पसंदीदा क्रिएटर को सीधे सपोर्ट करते हैं.

इवेंट्स और ब्रांड कैंपेन
बड़े इन्फ्लुएंसर को इवेंट्स में बुलाया जाता है, जहां उन्हें उपस्थिति या बोलने के लिए मोटी फीस दी जाती है.

इन्फ्लुएंसर बनने के लिए जरूरी बातें
इन्फ्लुएंसर बनना आसान लगता है, लेकिन इसमें निरंतर मेहनत और रणनीति की जरूरत होती है. पहले तय करें कि आपको किस विषय पर कंटेंट बनाना है- फैशन, फिटनेस, ट्रैवल, एजुकेशन या एंटरटेनमेंट. नियमित रूप से पोस्ट करना जरूरी है. एल्गोरिदम उन्हीं क्रिएटर्स को प्रमोट करता है जो एक्टिव रहते हैं. वीडियो या फोटो का प्रेजेंटेशन प्रोफेशनल होना चाहिए. अच्छी लाइटिंग, क्लियर साउंड और आकर्षक टाइटल फर्क पैदा करते हैं. कमेंट्स का जवाब दें, पोल चलाएं और रियल लाइफ टच रखें. यही चीज फॉलोअर्स को लंबे समय तक जोड़े रखती है. सोशल मीडिया पर ट्रेंड हर दिन बदलता है. जो ट्रेंड पकड़ लेता है, वही तेजी से वायरल होता है.

कितना कमा सकते हैं इन्फ्लुएंसर?
कमाई फॉलोअर्स और एंगेजमेंट पर निर्भर करती है.

  • माइक्रो इन्फ्लुएंसर (10K–100K फॉलोअर्स): ₹10,000–₹1 लाख प्रति माह
  • मिड लेवल इन्फ्लुएंसर (100K–1M फॉलोअर्स): ₹1 लाख–₹10 लाख प्रति माह
  • टॉप क्रिएटर्स (1M+ फॉलोअर्स): ₹10 लाख से लेकर करोड़ों रुपये तक सालाना

कुछ नामचीन भारतीय इन्फ्लुएंसर जैसे भुवन बाम, प्राजक्ता कोली (MostlySane), रणवीर अल्लाहबादिया (BeerBiceps) और अजय नागर (CarryMinati) अब अपने खुद के बिजनेस, प्रोडक्शन हाउस और ब्रांड भी चला रहे हैं.

क्रिएटर इकॉनमी का बढ़ता बाजार
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में क्रिएटर इकॉनमी का आकार 2025 तक 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है. ब्रांड अब ट्रेडिशनल विज्ञापनों की जगह सोशल मीडिया प्रमोशन पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं क्योंकि इन्फ्लुएंसर सीधे जनता तक पहुंचते हैं.

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