[ad_1]
Last Updated:
ब्रिस्बेन के दक्षिण में लोगन सिटी है, वहां पर मार्सडेन स्टेट हाईस्कूल है. इस स्कूल में एक महिला टीचर पढ़ाती हैं, जो खुद को बिल्ली की तरह प्रेजेंट करती हैं. आलम ये है कि वो बिल्ली की तरह सिर पर नकली कान लगाती है…और पढ़ें
टीचर खुद को बिल्ली बताती है. (AI प्रतीकात्मक फोटो: Canva)
आजकल लोग खुद की पहचान को बदलते रहते हैं क्योंकि वो अपनी असल पहचान से खुश नहीं होते. पर ऑस्ट्रेलिया की एक टीचर ने तो पहचान को लेकर बड़ा ही अजीबोगरीब फैसला लिया. वो खुद को बिल्ली (Teacher identifies as cat) की तरह प्रेजेंट करती है. उसका कहना है कि वो बिल्ली है और छात्र उसे बिल्ली की तरह सी संबोधित करें. इस वजह से छात्रों के माता-पिता काफी परेशान हैं. टीचर की हरकतें भी परेशान करने वाली हैं क्योंकि वो क्लास में पढ़ाते-पढ़ाते बच्चों के हाथ चाटने लगती हैं, तो कभी म्याऊं-म्याऊं करने लगती हैं!
न्यूयॉर्क पोस्ट की वेबसाइट के अनुसार ब्रिस्बेन के दक्षिण में लोगन सिटी है, वहां पर मार्सडेन स्टेट हाईस्कूल है. इस स्कूल में एक महिला टीचर पढ़ाती हैं, जो खुद को बिल्ली की तरह प्रेजेंट करती हैं. आलम ये है कि वो बिल्ली की तरह सिर पर नकली कान लगाती हैं, क्लास में म्याऊं-म्याऊं करती हैं, बच्चों के हाथ चाट लेती हैं और खुद को मिस पर बुलाने को कहती हैं. जब बच्चे क्लास में उनकी बात नहीं सुनते हैं, तो वो गुर्राने भी लगती हैं.
पढ़ाते वक्त ये टीचर बच्चों का हाथ भी चाट लेती है. (फोटो: Twitter/MarioNawfal)
टीचर खुद को बताती है बिल्ली
कोरियर मेल वेबसाइट ने सबसे पहले महिला के फोटोज और वीडियोज को पोस्ट किया था. फेसबुक पर बच्चों के परिवार वालों ने टीचर के बारे में पोस्ट कर अजीबोगरीब बातें बताईं. एक ने कहा कि वो क्लास में बच्चों के हाथों को चाटती हैं, ये बेहद घिनौनी बात है, स्कूल को टीचर के खिलाफ कोई एक्शन लेना चाहिए. एक रिलेटिव ने द कोरयिर मेल से बात करते हुए एक रिश्तेदार ने कहा कि वो टीचर के ऐसे व्यवहार को देखकर काफी हैरान हुए थे.
टीचर की हरकत से परिजन हैं परेशान
एक फेसबुक पोस्ट में एक छात्रा की मां ने बताया कि टीचर ने उनकी बेटी से भी पर करवाया और उसके बाद उसे लॉलीपॉप खाने दिया. इसके अलावा कुछ परिजनों का मानना है कि शायद टीचर बच्चों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए ऐसा करती होगी, हालांकि, ये हरकत ठीक नहीं है. लोगों को टीचर की इस हरकत के लिए जवाब चाहिए, कि वो ऐसा क्यों करती हैं.
February 13, 2025, 09:11 IST
[ad_2]
Source link