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कभी देखा है ऐसा गांव? बड़े-बड़े शहरों को देता है टक्कर, हर तरफ हो रही है चर्चा, बिहार के मुखिया भी करेंगे दीदार

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Agency:News18 Bihar

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बिहार के गया जिला में एक ऐसा गांव है जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है. ये गांव बोधगया प्रखंड मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है और यहां के ग्रामीणों को हर बुनियादी सुविधा उपलब्ध है.

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गोबर

गोबर गैस का प्लांट लगाया गया है और इसे 50 घरों को लाभ भी मिल रहा है. 

हाइलाइट्स

  • बतसपुर गांव में मुफ्त गोबर गैस की सुविधा है.
  • गांव में इंटर तक स्कूल और ओपन जिम भी है.
  • बिहार के मुखिया 13 फरवरी को गांव का दौरा करेंगे.

गया. बिहार के गया जिला में एक ऐसा गांव है जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है. जी हां हम बात कर रहे हैं बोधगया प्रखंड क्षेत्र के बसाढी पंचायत अंतर्गत बतसपुर गांव की. बतसपुर गांव बोधगया प्रखंड मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है और यहां के ग्रामीणों को हर बुनियादी सुविधा उपलब्ध है. इस गांव के 50 से अधिक घरों में गोबर गैस से मुफ्त खाना पकाया जाता है. इसके अलावा शिक्षा के लिए इंटर तक स्कूल, आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र, ग्रामीण हाट, कचरा प्रबंधन के लिए अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई, छठ घाट, हर गली में सोलर स्ट्रीट लाइट, घूमने के लिए पार्क, ओपन जिम, जगह-जगह डस्टबिन, मनरेगा खेल स्टेडियम, सेल्फी प्वाइंट आदि बनाए गए हैं.

बतसपुर गांव एक आदर्श गांव है और इसकी चर्चा पूरे जिले में होती है और यह सब संभव हो पाया है यहां के ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि के सहयोग से. इस गांव के हर लोग अब जागरूक हो गए हैं और कचरा फेंकने के लिए डस्टबिन का इस्तेमाल करते हैं. गांव के बच्चे उच्च शिक्षा हासिल करें इसके लिए गांव में ही इंटर तक के स्कूल बन गए हैं. गांव के गरीब लोगों को रोजगार मिले इसके लिए मनरेगा ग्रामीण हाट बनाया गया है जहां पर लोग सब्जी बेचकर अपना जीविकोपार्जन कर सके. खाना बनाने में पैसे की बचत हो इसके लिए गोवर्धन योजना के तहत गोबर गैस का प्लांट लगाया गया है और इसे 50 घरों को लाभ भी मिल रहा है.

मुफ्त मिलती है गोबर गैस की सुविधा
आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र है जहां छोटे बच्चों को पोषण युक्त भोजन के अलावा शुरुआती पढ़ाई भी बेहतर तरीके से दी जाती है. नदी किनारे बसे इस गांव के किनारे मनरेगा के तहत हजारों हरे-भरे वृक्ष लगाए गए हैं. जगह-जगह पर स्वच्छता के स्लोगन लिखे गए हैं. गांव से निकलने वाले कचरे का कचरा प्रसंस्करण इकाई में जैविक खाद बनाई जाती है. बता दें कि यहां के अधिकांश लोग खेती किसानी से जुड़े हुए हैं और पशुपालन का भी काम करते हैं. जानवरों के गोबर को गोबर गैस प्लांट को दे दिया जाता है और उसके बदले ग्रामीणों को निशुल्क गैस दी जाती है.

हर रविवार को इस गांव में ग्रामीण हाट लगाया जाता है जहां तीन पंचायत के लोग आकर सब्जी और जानवरों की खरीद बिक्री करते हैं. गांव में कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और इससे आपराधिक तत्व के लोगों पर नजर रखी जाती है. गांव के ग्रामीणों ने बताया कि एक आदर्श गांव के नाते इन्हें गर्व होता है कि उनके गांव की चर्चा पूरे जिले में होती है. इस संबंध में गांव के ही पूर्व उप मुखिया मनोरंजन प्रसाद समदर्शी बताते हैं कि भारत सरकार और बिहार सरकार के योजनाओं के द्वारा इस गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया गया है. यह जिले का पहला गांव है जहां दो सुंदर छठ घाट बनाए गए हैं.

आज हर जगह हो रही इस गांव की चर्चा
इस मॉडल गांव को देखने के लिए बिहार के मुखिया 13 फरवरी को बतसपुर पहुंच रहे हैं और यहां कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. इस गांव को आदर्श गांव को बनाने में यहां के पूर्व उपमुखिया समेत गांव के लोगों का अहम योगदान रहा है. आज इस गांव की चर्चा हर जगह होती है और इस आदर्श मॉडल गांव को देखने के लिए दूर दराज से लोग और अधिकारियों की टीम पहुंचती है.

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कभी देखा है ऐसा गांव? बड़े-बड़े शहरों को देता है टक्कर, हर तरफ हो रही है चर्चा

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