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नई दिल्ली. क्या आप जानते हैं कि कुछ पेड़ लगाकर आप करोड़पति बन सकते हैं? जी हां, ये कोई मजाक नहीं है. एग्रीकल्चर और हॉर्टिकल्चर सेक्टर में लंबे समय का निवेश लोगों को करोड़ों की कमाई दे रहा है. भारत में चंदन, सागवान, बांस जैसे पेड़ 10-20 साल में लाखों-करोड़ों की लकड़ी और तेल देते हैं. सरकार की स्कीम्स (जैसे अगरोफॉरेस्ट्री और नेशनल बांस मिशन) और बढ़ती एक्सपोर्ट डिमांड से मुनाफा और भी बढ़ जाता है.

कमाई का राज: चंदन की हार्टवुड और ऑयल दुनिया की सबसे महंगी नेचुरल प्रोडक्ट्स में शामिल है. 1 किलो लकड़ी ₹10,000 से ₹50,000 तक बिकती है, जबकि इसका तेल ₹1-2 लाख प्रति लीटर तक जाता है.

इन्वेस्टमेंट और रिटर्न: 1 एकड़ में करीब 400 पौधे लगते हैं, लागत ₹5-10 लाख आती है. 15-20 साल में 1 पेड़ से 20-30 किलो लकड़ी मिलती है, जिससे कुल रिटर्न ₹5-10 करोड़ प्रति एकड़ तक पहुंच सकता है.

2. सागवान (Teak – Tectona grandis) कमाई का राज़: सागवान को ‘फर्नीचर की राजा लकड़ी’ कहा जाता है. इसकी डिमांड यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में बहुत ज्यादा है, जिससे एक्सपोर्ट वैल्यू लगातार बढ़ रही है.
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इन्वेस्टमेंट और रिटर्न: 1 एकड़ में 500 पौधे लगाकर ₹3-5 लाख का खर्च आता है. 12-20 साल बाद हर पेड़ ₹50,000 से ₹2 लाख तक देता है, यानी कुल रिटर्न ₹2-5 करोड़ प्रति एकड़.

3. महोगनी (Mahogany – Swietenia macrophylla) कमाई का राज़: महोगनी लक्जरी फर्नीचर और बोट्स के लिए इस्तेमाल होती है. इसकी कीमत सागवान से लगभग दोगुनी होती है, और तेजी से ग्रो करने वाली प्रजातियों के कारण ये फार्मर्स की पसंद बन रही है.

इन्वेस्टमेंट और रिटर्न: 1 एकड़ में 400 पौधे लगाने पर ₹4-7 लाख लागत आती है. 10-15 साल में हर पेड़ ₹1-3 लाख का रिटर्न देता है, यानी ₹3-8 करोड़ प्रति एकड़ तक की कमाई.

4. बांस (Bamboo – Bambusa spp.) कमाई का राज़: बांस सबसे तेजी से बढ़ने वाला पौधा है, और हर साल कटाई संभव है. ये फर्नीचर, पेपर, टेक्सटाइल और बायोफ्यूल इंडस्ट्री में काम आता है. सरकार बांस मिशन के तहत सब्सिडी भी देती है.

इन्वेस्टमेंट और रिटर्न: 1 एकड़ में 1000 पौधों की लागत ₹2-4 लाख आती है. 4-6 साल बाद हर साल ₹5-10 लाख की कमाई हो सकती है, यानी 10 साल में ₹50 लाख से ₹1 करोड़ तक.

5. अगर (Agarwood – Aquilaria malaccensis) कमाई का राज: अगर यानी ‘औद’ ऑयल दुनिया का सबसे महंगा सुगंधित उत्पाद है, जिसकी कीमत ₹1-5 करोड़ प्रति किलो तक होती है. ये अरब देशों में परफ्यूम और धार्मिक कामों के लिए बहुत मांग में है.

इन्वेस्टमेंट और रिटर्न: 1 एकड़ में 500 पौधों पर ₹10-20 लाख लागत आती है. इनोकुलेशन तकनीक से 7-15 साल में हर पेड़ से 50 ग्राम से 1 किलो तक ऑयल निकल सकता है, जिससे ₹5-20 करोड़ प्रति एकड़ तक रिटर्न संभव है.
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