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कलियुग में खरगोश-कछुए ने फिर लगाई रेस, इस बार किसकी हुई जीत? देखने दौड़ आए लोग

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स्कूल की किताबों में आपने कछुए और खरगोश के बीच लगी रेस की कहानी तो जरूर पढ़ी होगी. लेकिन कलियुग में लोगों को इस रेस को लाइव देखने का मौका मिला.

कलियुग में खरगोश-कछुए ने फिर लगाई रेस, इस बार किसकी हुई जीत? देखने दौड़ आए लोग

बचपन में पढ़ी कहानी को आंखों से देखने आए लोग (इमेज- सोशल मीडिया)

बच्चों को जिंदगी के अहम पाठ खेल-खेल में सिखाए जाते हैं. ऐसी कई सारी बातें तो बच्चों को आगे की जिंदगी में काम आएंगी, खेल में सिखाई जाती है. इसके पीछे का मकसद होता है उन्हें आने वाली जिंदगी के कठिन सबक याद करवाना, वो भी बिना किसी कठिनाई के. इंसान कई बार अपनी सफलता या अपनी खूबियों पर इतराने लगता है. इसका इंसान की जिंदगी पर गलत असर पड़ सकता है.

इस पाठ को समझाने के लिए बचपन में हमें कछुए और खरगोश की कहानी बताई गई थी. इसमें बताया गया था कि कैसे अपनी तेज चाल पर इतराने वाले खरगोश को बेहद धीमी गति वाले कछुए ने धूल चटा दी थी. कछुए को अपनी स्पीड पर घमंड करना महंगा पड़ गया था और सभी के सामने रेस हारने की स्थिति का सामना करना पड़ा था. कहानी की सीख ये थी कि कभी भी इंसान को अपनी खासियत पर इतराना नहीं चाहिए. लेकिन ये तो हुई कहानी. कलियुग में लोगों ने इस कहानी को सच में चरितार्थ होते हुए देखा. इसका वीडियो खूब वायरल हो रहा है.

खरगोश और कछुए की रेस
सोशल मीडिया पर लोगों ने बचपन में पढ़ी कहानी को सच में चरितार्थ करने का वीडियो शेयर किया. इसमें एक कछुए और खरगोश के बीच लगे रेस को दिखाया गया. रेस कोर्ट में कछुआ और खरगोश आमने-सामने था. दोनों को चीयर करने के लिए कई लोग आए थे. खरगोश को जैसे ही छोड़ा गया, वो तेजी से दौड़ा लेकिन एक जगह जाने के बाद वो रुक गया. लोग उसे आगे बढ़ने को कहते रहे लेकिन वो नहीं हिला. वहीं दूसरी तरफ कछुआ धीमी चाल से लगातार चलता रहा.



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