Headlines

किंग ऑफ रोमांस…पिता की मर्जी के खिलाफ बने एक्टर, 1 सलाह ने बर्बाद कर दिया था करियर

[ad_1]

Last Updated:

विश्वजीत चटर्जी ने कोलकाता से थिएटर शुरू किया था. उन्होंने फिर हिंदी सिनेमा में ‘किंग ऑफ रोमांस’ का खिताब पाया, लेकिन फिल्म ‘कहते हैं मुझको राजा’ की असफलता से उनका करियर डगमगा गया.

किंग ऑफ रोमांस...पिता की मर्जी के खिलाफ बने एक्टर, 1 सलाह ने बर्बाद किया करियरहीरो रोमांटिक किरदारों के लिए मशहूर हुए. (फोटो साभार: IANS)

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के सदाबहार रोमांटिक हीरो और ‘किंग ऑफ रोमांस’ के नाम से मशहूर अभिनेता विश्वजीत चटर्जी का जन्मदिन 14 दिसंबर को होता है. थिएटर से अपने करियर की शुरुआत करने वाले विश्वजीत अपने समय के सबसे हैंडसम हीरो में गिने जाते थे. विश्वजीत ने थिएटर आर्टिस्ट से लेकर सुपरस्टार तक का सफर तय किया. उनका बचपन कोलकाता में गुजरा, जहां उन्होंने नाटकों के माध्यम से अभिनय की दुनिया में कदम रखा. बंगाली फिल्मों से करियर शुरू करने वाले विश्वजीत ने हिंदी सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई और एक सुपरस्टार के रूप में स्थापित हो गए.

हिंदी सिनेमा को कई सफल फिल्में देने वाले विश्वजीत चटर्जी ने ‘कोहरा’, ‘अप्रैल फूल’, ‘मेरे सनम’, ‘नाइट इन लंदन’, ‘दो कलियां’, और ‘किस्मत’ जैसी फिल्में कीं. इन फिल्मों की सफलता ने उन्हें रोमांटिक हीरो की छवि दी और वह अपने समय के ‘किंग ऑफ रोमांस’ के रूप में छा गए. मगर विश्वजीत चटर्जी का करियर एक फैसले की वजह से अचानक गिर गया था.

फिल्मों में बिखेरा रोमांस का जादू
विश्वजीत की फिल्मों में रोमांस का जादू था. अपने करियर में उन्होंने आशा पारेख, वहीदा रहमान, मुमताज, और माला सिन्हा जैसी अभिनेत्रियों के साथ काम किया. वह हर भूमिका और एक्ट्रेस के साथ सहज हो जाते थे और दर्शकों को इन जोड़ियों की केमिस्ट्री काफी पसंद आती थी. कहा जाता है कि विश्वजीत के पिता नहीं चाहते थे कि उनका बेटा अभिनेता बने, वे चाहते थे कि वह कोई स्थिर नौकरी करे. लेकिन विश्वजीत ने अपनी लगन से अभिनय की राह चुनी और बंगाली सिनेमा व हिंदी फिल्मों में खास मुकाम हासिल किया.

वक्त ने नहीं दिया दूसरा मौका
विश्वजीत के करियर का पीक पीरियड ऐसा था कि उनकी हर फिल्म हिट होती थी. हालांकि, एक समय ऐसा आया जब उनका करियर अचानक गिर गया. जब उनका करियर पीक पर था, तब एक दोस्त ने उन्हें फिल्म प्रोडक्शन में हाथ आजमाने की सलाह दी. सुपरस्टार ने इस सलाह पर अमल किया और 1975 में ‘कहते हैं मुझको राजा’ फिल्म को प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया. इस फिल्म में धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, शत्रुघ्न सिन्हा और रेखा जैसे सितारे थे, लेकिन दुर्भाग्य से फिल्म नहीं चली. इस असफलता से बिश्वजीत को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और अभिनेता के रूप में कमाई हुई पूंजी बर्बाद हो गई. इस भारी नुकसान के बाद उन्होंने दोबारा एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा, मगर उन्हें वक्त ने दूसरा मौका नहीं दिया.

About the Author

Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

homeentertainment

किंग ऑफ रोमांस…पिता की मर्जी के खिलाफ बने एक्टर, 1 सलाह ने बर्बाद किया करियर

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *