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‘किशोर कुमार ने गाने से मना किया तो कांग्रेस ने….’ विपक्ष पर गरजे पीएम नरेंद्र मोदी, इमरजेंसी के सुनाए किस्से

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PM Narendra Modi Shared Anecdotes On Emergency: कांग्रेस पार्टी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए, तो उन्होंने भी इमरजेंसी का हवाला देते हुए पलटवार किया. प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे कांग्रेस ने मशहूर सि…और पढ़ें

'किशोर कुमार ने गाने से मना किया तो कांग्रेस ने....' विपक्ष पर गरजे पीएम

पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘इमरजेंसी’ के दिनों को याद किया.

हाइलाइट्स

  • PM मोदी ने इमरजेंसी में कांग्रेस पर अभिव्यक्ति की आजादी कुचलने का आरोप लगाया.
  • किशोर कुमार और हृदयनाथ मंगेशकर पर कांग्रेस ने बैन लगाया था.
  • किशोर कुमार ने कांग्रेस के लिए गाने से मना किया था.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में बॉलीवुड सिंगर किशोर कुमार का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी की आलोचना का जवाब दिया. उन्होंने बताया कि कैसे कांग्रेस ने आपातकाल के दौर अभिव्यक्ति की आजादी को कुचला था. प्रधानमंत्री ने सिंगर किशोर कुमार और हृदयनाथ मंगेशकर का उदाहरण देकर बताया कि कांग्रेस ने उन पर सिर्फ इसलिए बैन लगाया था, क्योंकि दोनों सितारों ने उनके मुताबिक बर्ताव नहीं किया था.

पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि इमरजेंसी के दौरान आकाशवाणी में किशोर कुमार के सभी गानों पर बैन लग गया था, क्योंकि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के लिए गाने से मना कर दिया था. दूसरी ओर, लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर को कांग्रेस के मुताबिक काम न करने की वजह से आकाशवाणी में बैन कर दिया गया था.

किशोर कुमार को जब कांग्रेस पार्टी ने दी सजा
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘संविधान की बातें करने वाले लोगों ने सालों से संविधान को अपनी जेब में रखा है. संविधान का सम्मान नहीं किया है. किशोर कुमार ने कांग्रेस के लिए गाना गाने से मना किया. इस एक गुनाह के लिए उनके आकाशवाणी में सभी गानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया. मैं इमरजेंसी के उन दिनों को भूल नहीं सकता.’ किशोर कुमार ने तमाम भारतीय भाषाओं में गाने गाए थे. वे अपनी गायकी के अलावा अपनी निजी जिंदगी और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर थे.

जब हृदयनाथ मंगेशकर पर लगाया बैन
पीएम नरेंद्र मोदी ने फिर लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर से जुड़ी एक घटना को याद किया. वे बोले, ‘लता मंगेश्कर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर जी ने वीर सावरकर जी पर एक कविता स्वरबद्ध करके आकाशवाणी पर प्रस्तुत करने की योजना बनाई थी. इतनी सी बात पर हृदयनाथ मंगेशकर जी को आकाशवाणी से बाहर कर दिया गया था.’ आकाशवाणी हमेशा से कला और संगीत का केंद्र रहा है. यह पुराने दौर में लोगों के लिए मनोरंजन और सूचना का अहम माध्यम रहा है. सत्ता में काबिज राजनीतिक पार्टियों ने इसका अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया.

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