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Dhurandhar Akshaye Khanna As Rehman Dakait: फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस में भौकाल मचा रही है, वहीं सोशल मीडिया पर रहमान डकैत बने अक्षय खन्ना ट्रेंड कर रहे हैं. अक्षय खन्ना खूंखार गैंगस्टर के किरदार में धांसू लगे हैं, जिसके दहशत से लोग कभी थरथर कांपते थे. उसके कारनामे देखकर लोगों के हलक सूख जाते थे. फिल्म में रहमान डकैत बने अक्षय खन्ना की अदाकारी फिल्म के बाकी धुरंधरों पर भारी पड़ रही है.

नई दिल्ली: ‘धुरंधर’ में लीड रोल रणवीर सिंह ने निभाया है, लेकिन सारी वाहवाही अक्षय खन्ना ने लूट ली है. जासूसी थ्रिलर में अक्षय खन्ना ने रहमान बलोच उर्फ रहमान डकैत का किरदार निभाया है, जो फिल्म का मुख्य विलेन है. अक्षय खन्ना की एक्टिंग की बहुत तारीफ हो रही है, लेकिन कई लोग मानते हैं कि असली रहमान डकैत फिल्म के किरदार से भी ज्यादा खतरनाक था.

आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ असली घटनाओं से प्रेरित है, जिसमें भारत-पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ जंग को दिखाया गया है. फिल्म की कहानी 2000 के दशक के आखिर में कराची के लियारी इलाके के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो अपने गैंग एक्टिविटी के लिए फेमस है. अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत का रोल किया है, जो अपने कजिन और साथी उजैर बलोच के साथ लियारी पर राज करता है.

रणवीर सिंह ने हमजा का किरदार निभाया है, जो एक जासूस है और रहमान के गैंग में घुसपैठ करके उसे खत्म करने की कोशिश करता है, साथ ही भारतीय खुफिया एजेंसियों को ‘आईएसआई’ के साथ उनके रिश्तों की जानकारी देता है.
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रहमान डकैत का पूरा नाम सरदार अब्दुल रहमान बलोच था, जो पाकिस्तान का गैंगस्टर था. उसने 2000 के दशक में लियारी में दहशत फैला दी थी. उसका जन्म 1975 में हुआ था और उसने टीनएज में ही लियारी में ड्रग्स बेचना शुरू कर दिया था. 13 साल की उम्र में उसने पहली बार खून-खराबा किया था.

रहमान डकैत ने तब किसी को चाकू मार दिया था. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 साल की उम्र में रहमान ने अपनी मां का गला दबाकर हत्या कर दी थी और फिर उसे पंखे से लटका दिया था. ‘धुरंधर’ में इस घटना को एक अहम सीन के तौर पर दिखाया गया है, हालांकि इसमें कुछ क्रिएटिव बदलाव किए गए हैं.

रहमान डकैत ने 90 के दशक के आखिर में हाजी लालू के गैंग को जॉइन किया था और 2001 में हाजी लालू की गिरफ्तारी के बाद गैंग की कमान संभाल ली थी. अगले आठ साल तक रहमान ने लियारी को अपना गढ़ बना लिया था, जिसमें उजैर और उनके साथी बाबा लाडला उसके खास आदमी थे. डेली गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, रहमान के कहने पर लाडला और बलोच अपने विरोधियों के कटे हुए सिर से फुटबॉल खेलते थे. यह उनका ताकत दिखाना का तरीका था.

रहमान डकैत की मौत अगस्त 2009 में कराची पुलिस के साथ मुठभेड़ में हो गई थी. जब सरकार ने लियारी के गैंग्स पर एक्शन लेना शुरू किया था, उस वक्त उसकी उम्र 34 साल थी. रहमान की मौत के बाद उसके कजिन उजैर ने गैंग की कमान संभाल ली थी.
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