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‘धुरंधर’ को खूब पसंद किया जा रहा है. देशभक्ति और एक्शन से भरपूर इस फिल्म में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, आर माधवन, अक्षय खन्ना, संजय दत्त जैसे कलाकार हैं. इसमें रोमांस का तड़का भी लगाया गया है. हम आपको एक ऐसी ही देशभक्ति से भरी फिल्म के बारे में बता रहे हैं, जिसमें एक्शन के साथ-साथ रोमांस और कॉमेडी का भी तड़का लगा है.

देशभक्ति के साथ-साथ एक्शन, रोमांस और कॉमेडी से भरी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई थी. इसमें दो बड़े हीरो और हीरोइन थे. साथ ही अनुपमान खेर, टीकू तलसानिया जैसे प्रतिभाशाली कलाकार कॉमेडी करते दिखे थे. साल 1993 में आई इस फिल्म की शुरुआत विलेन के सीन से होती है. इसमें विलेन एक वैज्ञानिक को देशद्रोह करने के लिए कहता है, लेकिन वो मना करता है, तो विलेन उसे जान से मार देता है.

इस फिल्म में विलेन का किरदार रामी रेड्डी ने निभाया था. इस उस दौर की एक यादगार मसाला फिल्म बताया गया. साथ ही दो हीरो की हिट जोड़ी बन गई थी, जिन्होंने बाद में कई सुपरहिट फिल्में दीं और अभी तक सुपरहिट फिल्में दे रहे हैं.

अब तक हिट देने वाली जोड़ी का नाम अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी है. हम बात कर रहे हैं साल 1993 में आई फिल्म ‘वक्त हमारा है’ है की. फिल्म में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और देशभक्ति का मिश्रण है. फिल्म को भारत रंगाचारी ने डायरेक्ट किया और इसके प्रोड्यूसर साजिद नदियाडवाला है.
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इस फिल्म में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी ने पहली बार साथ काम किया. फिल्म की कहानी चार कॉलेज स्टूडेंट्स के इर्द-गिर्द घूमती है. मुख्य किरदार विकास सबकुछवाला (अक्षय कुमार) और सुनील (सुनील शेट्टी) हैं, जो शुरू में एक-दूसरे के कंपीटिटर होते हैं.

दोनों लड़कियों आयशा (आयशा जुल्का) और ममता (ममता कुलकर्णी) से प्यार करते हैं, जो बहनें हैं. कॉलेज में होने वाली छोटी-मोटी लड़ाइयों और मजाक के बाद ये दोनों अच्छे दोस्त बन जाते हैं. कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब ये चारों अनजाने में एक खतरनाक आतंकवादी साजिश में फंस जाते हैं.

आतंकवादी एक बड़े मंत्री की हत्या की योजना बना रहे हैं, और इसमें एक खास एलिमेंट क्रिप्टन (एक काल्पनिक रेडियोएक्टिव चीज) का इस्तेमाल है, जिसे बम बनाने के लिए यूज किया जा रहा है. विकस और सुनील अपनी दोस्तों के साथ मिलकर इस साजिश को नाकाम करने की कोशिश करते हैं.

फिल्म में ढेर सारी कॉमेडी, एक्शन सीक्वेंस, रोमांटिक गाने और 90s स्टाइल के ड्रामेटिक मोमेंट्स हैं. यह एक क्लासिक ‘मसाला’ फिल्म है, जहां हंसी-मजाक से लेकर देशभक्ति तक सब कुछ है. कहानी सिंपल लेकिन मनोरंजक है.

यह उस दौर की फिल्मों की तरह है, जहां हीरो की बहादुरी, विलेन की खलनायकता और अंत में अच्छाई की जीत तय होती है. फिल्म का फोकस दोस्ती, प्यार और देश के लिए कुर्बानी पर है. फिल्म उस वक्त 2 करोड़ रुपए के बजट में बनी थी और इसने 2.80 करोड़ रुपए कमाए. फिल्म को मिली-जुली समीक्षाएं मिलीं. कुछ क्रिटिक्स ने इसे “90s की टिपिकल मसाला फिल्म” कहा, जहां कॉमेडी और एक्शन पर ज्यादा जोर है. आईएमडीबी पर इसकी रेटिंग 5.9 है. यह फिल्म दिव्या भारती की मौत के बाद साजिद नदियाडवाला की पहली बड़ी रिलीज थी और उन्हें समर्पित भी की गई थी.
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