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Agency:News18 Madhya Pradesh
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खंडवा स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया. एक डबल डेकर मालगाड़ी गलत ट्रैक पर 147 किमी चलकर खंडवा पहुंच गई.
खंडवा के इस रेलवे स्टेशन पर गाड़ी पहुंची थी.
हाइलाइट्स
- खंडवा स्टेशन पर डबल डेकर मालगाड़ी गलत ट्रैक पर 147 किमी चली.
- OHE लाइन से ट्रेन की छत चिपकी, बिजली आपूर्ति ठप हुई.
- रेलवे ने OHE लाइन की ऊंचाई बढ़ाने का फैसला किया.
खंडवा. आपने बस और ट्रक को रास्ता भटकते देखा होगा, लेकिन क्या हो अगर एक पूरी की पूरी ट्रेन गलत रूट पर चली जाए? जी हां, खंडवा रेलवे स्टेशन पर ऐसा ही एक बड़ा मामला सामने आया, जहां एक डबल डेकर मालगाड़ी 147 किलोमीटर तक गलत ट्रैक पर दौड़ती रही. यह घटना तब हुई जब जलगांव से आ रही एक डबल डेकर मालगाड़ी, जो पेनुकोंडा (आंध्र प्रदेश) से फारुखनगर (गुड़गांव) जा रही थी, भुसावल रेलवे कंट्रोलर की गलती से गलत रूट पर भेज दी गई. ट्रेन को अमलनेर, गुजरात और राजस्थान के रास्ते से गुजरना था, लेकिन वह सीधे खंडवा पहुंच गई.
खंडवा स्टेशन पर जैसे ही यह ट्रेन पहुंची, बड़ा हादसा होते-होते टल गया. यार्ड में ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइन से ट्रेन की छत चिपक गई, जिससे तुरंत बिजली आपूर्ति ठप हो गई. ट्रेन में 264 एसयूवी कारें लदी थीं, जिनकी कुल कीमत करीब 66 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
क्या बोला रेलवे अधिकारी?
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह गलती बेहद गंभीर थी, लेकिन गनीमत रही कि कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. अब इस घटना के बाद रेलवे ने OHE लाइन की ऊंचाई बढ़ाने और ट्रेनों की निगरानी मजबूत करने का फैसला किया है. रेलवे की लापरवाही से यह घटना जरूर हुई, लेकिन सवाल उठता है कि अगर समय रहते इसका पता न चलता तो कितना बड़ा हादसा हो सकता था? अब देखने वाली बात होगी कि रेलवे इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए कितनी सख्ती से निगरानी रखता है.
5 घंटे बाद रवाना हुई मालगाड़ी
करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद शाम 5 बजे ओएचई लाइन की ऊंचाई बढ़ाई गई. इसके बाद मालगाड़ी को इटारसी की बजाय भुसावल की ओर रवाना किया गया. इस घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि, ‘मामले की जांच शुरू कर दी गई है. इससे ट्रेनों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा है.’
Khandwa,Madhya Pradesh
February 13, 2025, 10:11 IST
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