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Agency:News18 Madhya Pradesh
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Loha Kadhai Price: अरविंद बताते हैं कि मेले में आने वाले ज्यादातर लोग 130 रुपए किलो वाली ही कढ़ाई खरीद रहे हैं. क्योंकि इसमें नई प्लेट का लोहा लगा और यह काली भी नहीं पड़ती है.
लोहे की कढ़ाई
Iron kadhai that doesn’t blacken:जिले के महाराजपुर के कुम्हेड़ गांव में हर साल की तरह इस बार भी मेला लगा है जो लगभग 20 दिन तक रहता है. इस मेले में विभिन्न स्वदेशी दुकानें भी लगती हैं. अगर आप यहां आकर लोहे की कढ़ाई खरीदना चाहते हैं तो आपको बेहतरीन गुणवत्ता की कढ़ाई मिल जाता जाती है. मेले में बिकने वाली कढ़ाई की खासियत है कि यह धोने पर काली नहीं पड़ती है.
दुकानदार अरविंद गुप्ता लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि पिछले 10 साल से लोहे की कढ़ाई की दुकान लगा रहे हैं. जिले के आसपास लगने वाले मेलों में भी दुकान लगाते हैं साथ ही हमारी चंदला में स्थायी दुकान भी है.
तीन वैरायटी की कढ़ाई उपलब्ध है
अरविंद बताते हैं कि हमारे यहां बड़े साइज के लोहे की कढ़ाई की 3 वैरायटी हैं. पहली वैरायटी 130 रुपए किलो, दूसरी वैरायटी 120 रुपए किलो वहीं तीसरी वैरायटी 150 रुपए किलो है. दरअसल, यहां वैरायटी का मतलब है लोहे की क्वालिटी से है. जिस कढ़ाई में नई प्लेट का लोहा लगा है वह वैरायटी महंगी है और जिसमें पुरानी प्लेट का लोहा लगा है वह वैरायटी थोड़ी सस्ती है.
धोने पर नहीं होती काली
अरविंद बताते हैं कि हमारे यहां बड़े साइज की जो कढ़ाई हैं. खासकर वह जिसमें नई प्लेट का लोहा लगा है. ऐसी कढ़ाई धोने पर काली नहीं पड़ती है और धोते हैं तो बिल्कुल साफ़ निकलती है.
सबसे ज्यादा बिक रही यह कढ़ाई
अरविंद बताते हैं कि मेले में आने वाले ज्यादातर लोग 130 रुपए किलो वाली ही कढ़ाई खरीद रहे हैं. क्योंकि इसमें नई प्लेट का लोहा लगा और यह काली भी नहीं पड़ती है. इसलिए यह कढ़ाई लोगों की पहली पसंद है.
वहीं छोटे साइज की कढ़ाई की बात करें तो इसमें भी नई प्लेट का लोहा लगा है. लेकिन इस कढ़ाई में बनवाई बहुत ज्यादा आती है मतलब लेबर कॉस्ट अधिक रहती है. इसलिए छोटे साइज की यह कढ़ाई 150 रुपए किलो बेच रहे हैं. साथ ही खल मूसर 120 रुपए किलो बेच रहे हैं.
Chhatarpur,Madhya Pradesh
January 21, 2025, 17:12 IST
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