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चीन के अरबपति रिचर्ड लिु क्वियांगडॉन्ग (Richard Liu Qiangdong) ने अपने गांव के लोगों को कुछ ऐसा दिया है, जिसकी उम्मीद उन्हें कभी नहीं थी. ग्रामीणों की आंखों में इसे देखकर आंसू आ गए.
कम ही लोग होते हैं, जिन्हें कामयाबी मिलने के बाद भी अपनी ज़िंदगी के वो लोग याद रहते हैं, जिन्होंने उनका बुरे वक्त में साथ दिया हो. यहीं से इंसान की पहचान होती है क्योंकि ज्यादातर लोग न तो लोगों को याद रखते हैं और न ही एहसान. जो उन्हें याद रखता है, वो न सिर्फ लोगों की दुआएं बटोरता है बल्कि उसे सम्मान भी हासिल होता है. आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताएंगे, जो पड़ोसी देश चीन का एक मशहूर अरबपति है.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के अरबपति रिचर्ड लियु क्वियांगडॉन्ग (Richard Liu Qiangdong) ने अपने गांव के लोगों को कुछ ऐसा दिया है, जिसकी उम्मीद उन्हें कभी नहीं थी. वे जियांग्शु प्रांत के गुआंगमिंग गांव में रहा करते थे और अरबपति बनने के बाद भी वो यहां आकर कुछ ऐसा कर जाते हैं कि ग्रामीणों की आंखों के आंसू नहीं रुक पाते.
कभी फीस भरने के भी नहीं थे पैसे …
अब 50 साल के हो चुके रिचर्ड लियु क्वियांगडॉन्ग (Richard Liu Qiangdong) चीन की लीडिंग ई-कॉमर्स वेबसाइट के चेयरमैन हैं और देश के अमीर लोगों में शुमार हैं. हालांकि उनकी लाइफ हमेशा से ऐसी नहीं थी. वे गुआंगमिंग गांव में ही रहा करते थे और एक गरीब परिवार से थे. उन्होंने अपनी स्कूलिंग गांव के ही स्कूल से की थी और साल 1992 में उन्होंने पहली बार पढ़ाई के लिए गांव छोड़ा. उनका एडमिशन चीन के मशहूर China Renmin University में हुआ था लेकिन उनके पास फीस तक के पैसे नहीं थे. ऐसे में पूरे गांव के लोगों ने मिलकर करीब 6000 रुपये और 76 अंडे उन्हें दान किए थे. इसके बाद वे बीजिंग पढ़ाई के लिए जा पाए थे.
एक दिन अरबपति बनकर लौटे …
रिचर्ड ने जब अपनी ज़िंदगी में कामयाबी हासिल कर ली तो साल 2016 में अपनी पत्नी को वे गांव लेकर आए. इस दौरान उन्होंने हर बुजुर्ग आदमी को 1 लाख 18 हज़ार रुपये गिफ्ट में दिए. इसके अलावा उन्होंने हर परिवार को खाना, कपड़ा, घर के ज़रुरी सामान भी गिफ्ट किए. गांव में कुल 1400 परिवार रहते हैं और विलेज कमीशन से उनके डिटेल्स निकालकर लियु मंगवाते हैं और फिर उनके लिए पैसे और तोहफे लेते हैं. वे गांव के हर 60 साल से ऊपर के शख्स को 1,21,245 रुपये इस साल भी बांट चुके हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जितना उन्होंने किया है, कोई नहीं करता. अगर वो अब कुछ न भी देंगे, तो भी उन्हें कुछ बुरा नहीं लगेगा. खुद लियु ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि उनकी पढ़ाई गांव के लोगों की वजह से ही पूरी हुई.
January 14, 2025, 08:41 IST
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