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BCCI evaluation assembly: भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज हारने के बाद बीसीसीआई के कड़े फैसले का सामना करना पड़ सकता है. टीम इंडिया के खिलाड़ियों को हर साल मोटी सैलरी मिलती है जिस पर अब बोर्ड कैंची चलाने के मूड…और पढ़ें
नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया में खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम को मिली शर्मनाक हार के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अधिकारियों ने शनिवार 11 जनवरी को मुंबई में समीक्षा बैठक की थी. इस बैठक में कप्तान रोहित शर्मा मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर शामिल थे. खबरों की माने तो इस समीक्षा बैठक में एक सुझाव दिया गया कि खिलाड़ियों के लिए अब उनके प्रदर्शन पर आधारित सैलरी दिए जाने की शुरुआत की जानी चाहिए.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्ताव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी अधिक “जवाबदेह” हों और यदि आवश्यक हो, तो उनके प्रदर्शन के आधार पर वेतन में कटौती की जा सके. रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं होता है, तो इसका असर उसकी कमाई पर पड़ेगा. एक सूत्र ने बताया, “यह एक सुझाव था कि खिलाड़ियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और यदि उनका प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं होता है, तो दी जाने वाली सैलरी में कटौती की जाए.”
पिछले साल BCCI ने अपने टेस्ट खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने की पहल करते हुए नई प्रणाली शुरू की थी. इसके तहत जो खिलाड़ी 2022-23 सीजन से एक सीजन में 50% से अधिक टेस्ट मैच खेलते हैं उन्हें हर एक मैच के लिए 30 लाख रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा और जो खिलाड़ी एक सीजन में कम से कम 75% मैच खेलते हैं उनके लिए यह राशि प्रति मैच 45 लाख रुपये हो जाएगी.
सूत्र ने कहा कि बीसीसीआई समीक्षा बैठक के दौरान टॉप अधिकारियों ने यह भी चर्चा की कि कुछ खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट को कम महत्व दे रहे हैं. इसके प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. चर्चा इस पर हुई कि मौजूदा टीम के कुछ खिलाड़ी भारत के टेस्ट मैच हारने पर बेहद निराश हो जाते हैं. टीम मैनेजमेंट टेस्ट क्रिकेट के महत्व को समझता है लेकिन कई खिलाड़ी इसे ज्यादा महत्व नहीं देते.
New Delhi,Delhi
January 14, 2025, 09:48 IST
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