Headlines

टीम इंडिया में दरार: रोहित-विराट ही नहीं, गौतम गंभीर पर भी लटक रही तलवार, मार्च तय कर देगा सबका भविष्य

[ad_1]

Last Updated:

भारत गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद 10 में से 6 टेस्ट मैच हारा है. इससे कोच गंभीर फैंस के निशाने पर आ गए हैं. खबरें यह भी हैं कि गंभीर और टीम के सीनियर खिलाड़ियों के बीच मतभेद हैं.

नई दिल्ली. भारत गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद 10 में से 6 टेस्ट मैच हारा है और श्रीलंका में वनडे सीरीज भी गंवाई है. इसके बाद टीम में दरार की खबरें आने लगी हैं. भारतीय ड्रेसिंग रूम में असंतोष की अटकलें लगने लगी हैं. यह भी कहा जा रहा है कि गौतम गंभीर के भारतीय टीम में ‘सुपरस्टार कल्चर’ खत्म करने पर जोर देने के कारण ऐसा हुआ है. इस बीच यह भी खबर आ रही है कि गौतम गंभीर के भविष्य के बारे में अगले महीने चैंपियंस ट्रॉफी के बाद पर समीक्षा की जाएगी. चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल 9 मार्च को होना है. यानी मार्च के महीने में कुछ चौंकाने वाली खबर भी आ सकती है.

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खराब फॉर्म के कारण विराट कोहली और रोहित शर्मा के इंटरनेशनल कैरियर को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है. इसके साथ ही गंभीर की स्थिति भी अब उतनी मजबूत नहीं है. ऐसी अटकलें हैं कि बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान गंभीर और प्रमुख खिलाड़ियों के बीच मतभेद रहे. भारत को सीरीज में 1-3 से हार का सामना करना पड़ा था.

भारतीय क्रिकेट बोर्ड के एक सूत्र ने कहा, ‘अगर भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती तो मुख्य कोच की स्थिति भी खराब होगी. उनका अनुबंध 2027 विश्व कप तक है. इसके बावजूद समीक्षा होगी. खेल में रिजल्ट अहम होते हैं. अभी तक कोच गंभीर ने ठोस नतीजे नहीं दिए हैं.’

बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया में टीम के प्रदर्शन की समीक्षा की है. समझा जाता है कि टीम ‘कल्चर’ के मसले पर गंभीर और सीनियर खिलाड़ियों में सहमति नहीं है. सूत्र ने कहा, ‘गंभीर सुपरस्टार कल्चर खत्म करना चाहते हैं जो इतने साल से चला आ रहा है. इससे कुछ खिलाड़ियों को दिक्कत हो रही है.’

उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा, ‘एक बार दिल्ली रणजी टीम के कप्तान रहते हुए गंभीर ने तय किया कि वे घरेलू मैच रोशनआरा मैदान पर खेलेंगे जहां पिच हरी भरी है लेकिन भारतीय टीम से बाहर एक बड़े सुपरस्टार ने जामिया मीलिया इस्लामिया मैदान पर खेलने पर जोर दिया जो दक्षिणी दिल्ली स्थित उनके घर के पास था. गंभीर ने इसे खारिज कर दिया था. इसी तरह भारतीय टीम में भी वह स्टार कल्चर नहीं चाहते.’

समझा जाता है कि गंभीर इस बात से खुश नहीं थे कि कैसे कुछ स्टार खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर होटलों और अभ्यास के समय को लेकर फरमाइशें रखींं. दूसरी ओर सीनियर खिलाड़ियों को लगता है कि उनकी ओर से संवाद का अभाव है. इन सबके बीच राष्ट्रीय चयन समिति का भी नजरिया है जो नहीं चाहती कि चयन मामलों में कोच ज्यादा राय रखें. एक पूर्व चयनकर्ता ने कहा कि गंभीर में पूर्व कोच ग्रेग चैपल की झलक मिलती है.

पूर्व चयनकर्ता ने कहा, ‘या तो आप रवि शास्त्री की तरह मीडिया के दोस्त बनकर रहिए और खिलाड़ियों को ‘अल्फा मेल’ की छवि देने वाले बयान देते रहिए. या राहुल द्रविड़, गैरी कर्स्टन या जॉन राइट की तरह चुपचाप अपना काम करके खिलाड़ियों को सुर्खियों में रहने दीजिए. भारत में चैपल का तरीका नहीं चलेगा.’ चैपल के कोचिंग के तरीकों को लेकर सीनियर खिलाड़ियों में काफी असंतोष रहा था.

बीसीसीआई के आला अधिकारी इस बात से भी खफा है कि गंभीर का निजी सहायक ऑस्ट्रेलिया में हर जगह टीम के साथ साये की तरह रहा. उन्होंने कहा, ‘उसका पीए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की कार में क्या कर रहा था. एक अज्ञात व्यक्ति की मौजूदगी में तो वे बात भी नहीं कर सकते थे. उसे एडीलेड में बीसीसीआई के हॉस्पिटेलिटी बॉक्स में जगह कैसे मिली. वह पांच सितारा होटल के इस परिसर में नाश्ता कैसे कर रहा था जो टीम के सदस्यों के लिए आरक्षित था.’

homecricket

टीम में दरार: रोहित-विराट ही नहीं, गंभीर पर भी तलवार… मार्च तय कर देगा भविष

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *