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भारत की मोबाइल इंटरनेट डेटा खपत दुनिया में सबसे ज्यादा है. एरिक्सन की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 5जी का भी तेजी से विस्तार हो रहा है इंडिया 6जी अपनाने में भी दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल रहेगा.
मोबाइल डेटा ट्रैफिक के मामले में भी भारत दुनिया के सबसे तेज़ बढ़ते देशों में से है. नई दिल्ली. भारत न सिर्फ डिजिटल दौड़ में शामिल है, बल्कि अब वह इसे लीड करने की स्थिति में पहुंच गया है. स्वीडन की कंपनी एरिक्सन की ताजा मोबिलिटी रिपोर्ट (EMR) इसकी गवाह है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत का हर सक्रिय स्मार्टफोन यूजर दुनिया में सबसे ज्यादा डेटा की खपत कर रहा है. यह खपत 36 GB डेटा प्रति माह है, जो दुनिया के अन्य देशों से काफी ज्यादा है. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2031 तक यह खपत बढ़कर 65 GB प्रति माह तक पहुंच सकती है. बात डेटा खपत की ही नहीं है, 5G की रफ्तार और आने वाले 6G युग में भी एरिक्सन की रिपोर्ट भारत को भविष्य की टेक दुनिया की पहली कतार में खड़ा दिखाती है.
एरिक्सन मोबिलिटी रिपोर्ट बताती है कि 2025 के अंत तक भारत में 394 मिलियन 5G सब्सक्रिप्शन होंगे, यानी हर तीन में से एक मोबाइल उपयोगकर्ता 5G पर होगा. 2031 तक 5G सब्सक्रिप्शन 1 अरब का आंकड़ा पार कर जाएगा. इसका मतलब है कि उस समय भारत में मोबाइल उपयोगकर्ताओं का लगभग 79% हिस्सा 5G पर होगा. यह न केवल इंटरनेट की स्पीड बदलने वाला है बल्कि कारोबार, ऐप्स, स्ट्रीमिंग और डिजिटल सर्विसेज को भी एक नई ऊंचाई देगा.
FWA मांग में भी तेजी
5G का यह विस्तार केवल फोन तक सीमित नहीं है. भारत में फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. सितंबर 2025 तक जियो और एयरटेल मिलकर 1.2 करोड़ FWA कनेक्शनों तक पहुंच गए हैं. FWA यूजर्स की डेटा खपत भी बेहद ज्यादा है, जिसकी वजह से भारत का डेटा ट्रैफिक लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है. रिपोर्ट कहती है कि 2031 तक दुनियाभर में लगभग 1.4 अरब लोग FWA ब्रॉडबैंड का उपयोग करेंगे और इनमें से 90% उपयोगकर्ता 5G के जरिए इंटरनेट से जुड़ेंगे. भारत इसका सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है.
मोबाइल डेटा ट्रैफिक में भी तेज उछाल
मोबाइल डेटा ट्रैफिक के मामले में भी भारत दुनिया के सबसे तेज़ बढ़ते देशों में से है. 2024 और 2025 की तीसरी तिमाही के बीच डेटा ट्रैफिक में 20% उछाल आया, जिसका सबसे बड़ा योगदान भारत और चीन से रहा. 2025 के अंत तक दुनिया का 43% मोबाइल डेटा ट्रैफिक 5G नेटवर्क पर चलेगा और 2031 आते-आते यह आंकड़ा 83% होने की उम्मीद है.
6G की शुरुआत करने वाले देशों में होगा भारत
एरिक्शन मोबिलिटी रिपोर्ट में 6G की शुरुआत का भी जिक्र है और यहां भी भारत पीछे नहीं है. EMR का कहना है कि दुनिया में सबसे पहले 6G लॉन्च करने वाले देशों में अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और भारत शामिल होंगे. यदि तैनाती योजना समय से पहले आगे बढ़ती है तो 2031 तक वैश्विक 6G सब्सक्रिप्शन 180 मिलियन के आंकड़े को भी पार कर सकते हैं.
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