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पत्नी ने किया सपोर्ट, बेटी से मिला जीने का एहसास, राकेश रोशन ने जीवन के स्ट्रगल पर कहा- ‘सब कुछ आपके दिमाग में…’

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राकेश रोशन की जिंदगी कई मुश्किलों से भरी रही, लेकिन उन्होंने हर चुनौती का सामना धैर्य से किया. गोली लगने और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करने के बाद भी, उन्होंने खुद को मजबूत रखा और हर मुश्किल से उबरे..

बेटी की हिम्मत और पत्नी के अपार सपोर्ट ने राकेश रोशन के जीवन को बदला

राकेश रोशन ने बेटी से ली सीख…(फोटो साभार…file picture)

हाइलाइट्स

  • राकेश रोशन ने बेटी सुनैना से जीवन का संघर्ष करना सीखा.
  • पत्नी पिंकी ने राकेश का हर मुश्किल में साथ दिया.
  • राकेश ने सकारात्मक सोच से कठिनाइयों का सामना किया.

नई दिल्ली : राकेश रोशन की जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन उन्होंने इन परेशानियों का सामना धैर्य और पॉजिटिविटी के साथ किया. एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी बेटी से सीखने के एक्सपीरियंस, पत्नी के सपोर्ट और अपनी कठिनाइयों से उबरने के बारे में कुछ बाते शेयर की.

राकेश रोशन ने बताया कि जीवन के स्ट्रगल का सामना कैसे करना है, ये उन्हें अपनी बेटी सुनैना रोशन से सीखा. सुनैना बचपन से ही बहुत सी बीमारियों से जूझ रही थीं, जिनमें सर्वाइकल कैंसर, फैटी लिवर डिसीज और ब्रेन टीबी शामिल थे. बावजूद इसके, उन्होंने हमेशा मुश्किल हालात का सामना हिम्मत और हंसी-खुशी से किया. राकेश बताते हैं, ‘वो हमेशा खुश रहती थी और मैंने उससे यही सीखा कि चाहे जो भी हालात हो, हमें खुश रहना चाहिए और संतुष्ट रहना चाहिए.’

गोली लगने के बाद भी नहीं हुए परेशान

राकेश रोशन ने एक और दिलचस्प एक्सपीरियंस शेयर किया. जब उन्हें गोली लगी थी, तब उन्होंने इसे बहुत हल्के में लिया. वो बताते हैं, ‘मैं गोली लगने के बाद भी मजाक करता था और लोगों को ये एहसास नहीं होने देता कि कुछ गलत हो रहा है.’ उनका मानना है कि इस मानसिकता ने उन्हें मुश्किल हालात से निकलने में मदद की. उन्होंने कैंसर के इलाज के दौरान भी यही रवैया अपनाया. राकेश ने बताया कि वो दिन में एक घंटे वर्कआउट करते थे और फिर अस्पताल जाते थे. एक सर्जरी के बाद, वो कुछ घंटों बाद ही चलने लगे थे. उनके मुताबिक, ‘सब कुछ आपके दिमाग में होता है.’

पत्नी का अपार सपोर्ट

राकेश रोशन ने अपनी पत्नी पिंकी रोशन की भी तारीफ की. उन्होंने बताया कि पिंकी ने उनसे उस समय शादी की जब उनकी जिंदगी में आर्थिक परेशानियां थीं. वो तब सिर्फ 200 रुपये कमा रहे थे, जब वो एक असिस्टेंट डायरेक्टर थे. राकेश बताते हैं, ‘मेरी पत्नी ने 80% जिम्मेदारी संभाली और हमेशा मेरा साथ दिया. उसने कहा कि वो मेरे साथ खुश है, चाहे हालात जैसे भी हों.’

राकेश रोशन की जिंदगी से ये संदेश मिलता है कि कठिनाइयों के बावजूद अगर हमारी सोच पॉजिटिव हो, तो हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं और जिंदगी में खुश रह सकते हैं.

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बेटी की हिम्मत और पत्नी के अपार सपोर्ट ने राकेश रोशन के जीवन को बदला

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