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सैफ अली खान पर हमला करने वाला बांग्लादेशी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम गिरफ्तार हो चुका है. पुलिस ने उसे ठाणे से शनिवार को गिरफ्तार किया. लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात है कि वह 70 घंटों तक छकाते रहा, मगर एक गलती से पुलिस के हत्थे चढ़…और पढ़ें
G-Pay की मदद से पकड़ाया सैफ का हमलावर.
हाइलाइट्स
- सैफ पर हमलावर 70 घंटे तक पुलिस को चकमा देता रहा.
- पुलिस ने UPI ट्रांजेक्शन से आरोपी को पकड़ा गया.
- आरोपी ने वर्ली में पानी और परांठा खरीदा था.
मुंबई. सैफ अली खान पर जानलेवा हमला पूरे देश को हिला दिया है. बॉलीवुड फैटरनिटी अपनी सुरक्षा की चिंता जाहिर करने लगे हैं. हालांकि, पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है. सैफ पर हमला करने वाले 30 साल मोहम्मद शरीफुल इस्लाम (30) को मुंबई पुलिस ने शनिवार को देर रात गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन, पुलिस को कैसे पता चला कि अपराधी वहीं पर, किसने इनपुट दिया या किसी मुखबिर ने पुलिस को खबर दिया? तो नहीं… पुलिस ने उसके यूपीआई ट्रांजेक्शन को ट्रैक कर लोकेशन का पता लगाया. बताते चलें कि मुंबई पुलिस आज सैफ अली खान का भी बयान दर्ज करेगी.
इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से उसकी गिरफ्तारी के बारे में पुलिस ने जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि वर्ली में सेंचुरी मिल (फैकटरी) के पास एक स्टॉल पर परांठा और पानी की बोतल के लिए गूगल पे (G-Pay) के जरिए किया गया. उसकी गिरफ्तारी में यूपीआई ट्रांजेक्शन अहम सुराग था. सैफ अली खान पर उनके मुंबई स्थित घर में हमला करने के करीब 70 घंटे बाद उसे गिरफ्तार किया गया. यह अपराधी बांग्लादेश का रहने वाला है.
जी-पे से किया पेमेंट
सूत्रों के अनुसार, फोन पर पेमेंट के जरिए पुलिस को आरोपी का मोबाइल नंबर मिला. उसके बाद पुलिस ने उसे ठाणे में ट्रेस किया. वहां पर सुराग मिले कि एक मजदूर शिविर के पास वह घने मैंग्रोव जंगल के पास पहुंचा है. अलर्ट जारी होते ही करीब 100 पुलिसकर्मियों ने तलाशी शुरू कर दी. वहां तलाशी लेने के बाद पुलिस टीम वहां से लगभग निकल ही चुकी थी. तभी उन्होंने एक बार फिर जांच करने का फैसला किया. जब उन्होंने दोबारा देखा तो एक टॉर्च की रोशनी में जमीन पर किसी के सोए होने का संकेत मिला. जैसे ही एक अधिकारी करीब पहुंचा, वह व्यक्ति उठकर भागने लगा.
टीवी पर फोटो देख डर गया था
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने टीवी और यूट्यूब पर अपनी तस्वीरें देखीं. वह डर गया था. सबसे पहले वह ठाणे भाग गया. वह यहां पर कभी काम किया करता था. इस इलाके के बारे में सबकुछ जानता था. पुलिस ने बांद्रा रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज दिखने के बाद उसे ट्रैक करनी शुरू की. उसे दादर स्टेशन के बाहर एक दुकान पर देखा गया. यहां से उसने मोबाइल कवर खरीदा था. उसने यहां नकद भुगतान किया था. इसके बाद वह कबूतरखाना और फिर वर्ली चला गया. जहां पर वह यूपीआई पेमेंट किया था.
Mumbai,Maharashtra
January 20, 2025, 08:43 IST
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