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पहले BPSC शिक्षिका को भेज दिया गुजरात, फिर पीठ पीछे कर दिया ऐसा ‘कांड’, शिक्षा विभाग की मची किरकिरी

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जमुई:- आमतौर पर अच्छा काम करने वाले लोगों की सराहना की जाती है. किसी भी विभाग में जो लोग अच्छा काम करते हैं, विभाग के द्वारा उन्हें पुरस्कृत किया जाता है या उन्हें सम्मानित किया जाता है. लेकिन जमुई के शिक्षा विभाग ने कुछ ऐसा किया, जिसके बाद उनकी जमकर किरकिरी हो रही है. जिस चीज के लिए एक शिक्षिका को विभाग के द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए था, उसी काम के लिए विभाग ने शिक्षिका के खिलाफ स्पष्टीकरण का आदेश जारी कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दे डाली है.

मामला जमुई जिले के खैरा प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय बेला से जुड़ा हुआ है, जहां शिक्षिका अनु कुमारी के खिलाफ शिक्षा विभाग ने स्पष्टीकरण का नोटिस जारी कर दिया है. लेकिन जिस काम के लिए शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी किया है, शिक्षा विभाग के द्वारा ही उक्त शिक्षिका को उस काम के लिए भेजा गया था.

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के द्वारा भेजा गया था गुजरात
गौरतलब है कि बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भारत सरकार के द्वारा प्रेरणा कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. प्रेरणा कार्यक्रम में जमुई जिले के प्लस टू राजकीय उच्च विद्यालय लथलथ (बरहट) के छात्र अभिषेक कुमार और प्लस टू उत्क्रमित उच्च विद्यालय बेला की छात्रा सरस्वती कुमारी का चयन किया गया था. इन दोनों को इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए गुजरात के वडनगर भेजा गया था.

जमुई जिले के खैरा प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बेला की शिक्षिका अनु कुमारी को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (भारत सरकार) के द्वारा आयोजित प्रेरणा कार्यक्रम में अभिभावक शिक्षक बनकर गुजरात के वडनगर भेजा गया था. बीते 5 दिसंबर से लेकर 16 दिसंबर तक यह दोनों छात्र-छात्राएं वडनगर में थी और उनके साथ शिक्षिका अनु कुमारी को भी इनका अभिभावक शिक्षक बनाकर वहां भेजा गया था.

पीठ पीछे शिक्षा विभाग ने कर दी बड़ी कार्रवाई
इस बात की जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के द्वारा नोडल बनाए गए जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य ने पत्र लिखकर शिक्षा विभाग को दे दी थी. 5 नवंबर 2024 को ही जवाहर नवोदय विद्यालय के द्वारा पत्र जारी कर जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस बात की जानकारी दी गई थी कि शिक्षिका अनु कुमारी को प्रेरणा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुजरात के वडनगर जाना पड़ेगा और उन्हें अभिभावक शिक्षक बनाया गया है.

इसके बाद शिक्षिका दोनों बच्चों को लेकर वड़नगर गई, जहां देश के 10 अलग-अलग राज्यों से आए स्कूली छात्रों ने राष्ट्रीय कार्यक्रम में हिस्सा लिया. बिहार से जमुई के ही दो छात्र इस प्रतियोगिता में अंतिम दौर में सफल होकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुने गए थे. लेकिन 13 दिसंबर को शिक्षा विभाग ने अनु कुमारी के खिलाफ स्पष्टीकरण का आदेश जारी कर दिया.

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शिक्षा विभाग की जमकर हो रही है किरकिरी
शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना पारस कुमार ने 13 दिसंबर को शिक्षिका अनु कुमारी के खिलाफ स्पष्टीकरण का आदेश जारी किया, जिसमें उन्हें अपने विद्यालय से 8 दिन अनुपस्थित बताया गया. इस पूरे मामले पर स्थापना कार्यक्रम पदाधिकारी पारस कुमार ने कहा कि शिक्षिका अनु कुमारी के जाने से पहले नवोदय विद्यालय के द्वारा कोई पत्र ही नहीं भेजा गया था. उन्होंने कहा कि जब उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गई, तब उनके द्वारा यह पत्र भेजा गया है. शिक्षा विभाग के इस फरमान के बाद जिला शिक्षा विभाग की मंशा पर कई तरह के प्रश्न चिन्ह उठ खड़े हुए हैं.

Tags: Bihar education, Bihar News, Jamui news, Local18

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