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BTS Of Bollywood Mega Blockbuster: आज जहां फिल्मों से एक एक्टर को कास्ट करने के लिए दूसरे एक्टर को फिल्म से आउट कर दिया जाता है. वहीं, 70 के दशक की ये कहानी न सिर्फ ऐतिहासिक फिल्म के कास्टिंग के पीछे के रोचक तथ्य को उजागर करती है, बल्कि दो दिग्गज एक्टर्स के बीच के उस आत्मीय और सम्मानपूर्ण रिश्ते को भी दिखाती है. फिल्म मेगा हिट हुई तो शत्रुघ्न सिन्हा को बुरा तो जरूर लगा, लेकिन कभी ये बात मन में नहीं रखी.

नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा की महा ब्लॉकबस्टर के पीछे कई ऐसी अनसुनी कहानियां दबी होती हैं, जिनके किस्से सालों-साल लोग सुनते हैं. 70 के दशक का वो दौर था, जब बॉलीवुड में दोस्ती भी थी, कॉम्पिटिशन भी था और दिल भी इतने बड़े थे कि हक से शिकायत भी की जाए. ये कहानी शत्रुघ्न सिन्हा की उस फिल्म की है, जो उनके हाथ से फिसल गई. फिल्म किसी दूसरे एक्टर को मिली, जिसके लिए सारे जुगाड़ धर्मेंद्र ने किए थे. जब एक्टर को पता चला तो धक्का जरूर लगा और बॉलीवुड के ही-मैन से दिल की बात भी कह दी ‘पाजी तुमने मेरा रोल उसे दे दिया’.

70 के दशक में शत्रुघ्न सिन्हा टॉप पर थे, एक के बाद एक हिट फिल्में दे रहे थे. रमेश सिप्पी ने भी उन्हें अपनी एक फिल्म के लिए ऑफर किया, जो उनके करियर को और बुलंदी पर ले जाता. लेकिन किस्मत का वो मंजूर नहीं था. शॉटगन को न मिलकर ये रोल स्ट्रगलर एक्टर को मिला, जो उसके लिए मील का पत्थर साबित हुई.

बॉलीवुड के दो धुरंधर एक्टर धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा के बीच न सिर्फ एक दिन के अंतर से जन्मदिन का गहरा नाता था, बल्कि एक ऐसी बॉन्डिंग भी थी, जिसमें एक ‘बड़े भाई’ का सम्मान और एक ‘पहले हीरो’ का प्यार शामिल था. धर्मेंद्र का जन्मदिन 8 दिसंबर को और शत्रुघ्न सिन्हा का 9 दिसंबर को होता है. हाल ही में धर्मेंद्र के निधन के बाद, शत्रुघ्न ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
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लेकिन इन दोनों के बीच एक दिलचस्प और कम चर्चित प्रसंग 1975 की सदाबहार फिल्म ‘शोले’ से जुड़ा है, जहां धर्मेंद्र की एक सिफारिश ने फिल्म इतिहास का रुख बदल दिया और शत्रुघ्न सिन्हा को एक यादगार भूमिका से वंचित कर दिया.

फिल्म में ‘जय’ का किरदार अमिताभ बच्चन की पहचान बन गया. वो किरदार पहले शत्रुघ्न सिन्हा को मिला था. धर्मेंद्र ने खुद इंडिया टीवी को दिए एक पुराने इंटरव्यू में स्वीकार किया था. धर्मेंद्र ने कहा था, ‘मैंने कभी यह बात नहीं कही, लेकिन अब जब अमिताभ खुद इस बारे में बात करने लगे हैं, तो मैं कबूल करता हूं. हां, मैंने उन्हें यह रोल दिलाया. अमिताभ इस रोल के लिए मेरे पास आया करते थे. नहीं तो यह रोल शत्रुघ्न सिन्हा को मिलने वाला था.’

जब यह बात शत्रुघ्न सिन्हा को पता चली तो उन्होंने धर्मेंद्र से सीधे तौर पर इस बारे में बात की. धर्मेंद्र ने इस कॉन्फ्रंटेशन को याद करते हुए बताया, ‘जब शत्रु को पता चला तो वह मेरे पास आए और बोले, ‘पाजी, आपने मेरा रोल उसे दे दिया!’ मैंने जवाब दिया, ‘मैं क्या करता? अमिताभ पहले मेरे पास आया था, इसलिए मैंने सोचा कि उसे ही दे दूं.’

हालांकि, शत्रुघ्न सिन्हा ने कभी भी इस बात को लेकर धर्मेंद्र से कोई बेर नहीं रखा. उन्होंने पत्रकार सुभाष के. झा से एक बातचीत में कहा था, ‘हम साथ ‘शोले’ भी करते, लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था. एक ऐसे एक्टर के साथ काम करना हमेशा सुखद होता है जिसमें बड़प्पन की भावना न हो. धर्मेंद्र बहुत आत्मविश्वासी इंसान और कलाकार हैं. उन्होंने कभी दूसरे एक्टर्स के रोल का लालच नहीं किया, न ही कभी प्रतिस्पर्धा के खेल खेले.’ उन्होंने स्वीकार किया था कि ये फिल्म उन्होंने कभी नहीं देखी.

दिलचस्प बात यह है कि ‘शोले’ न कर पाने की एक वजह तारीखों का टकराव भी रही. शत्रुघ्न सिन्हा ने एक इंटरव्यू में इस अफसोस का इजहार किया था. उन्होंने कहा था, ‘मुझे ‘शोले’ में अमिताभ बच्चन का रोल ऑफर किया गया था. रमेश सिप्पी ने भी अपनी किताब में यह लिखा है. मैंने फिल्म के लिए तारीखें निकालने की कोशिश की, लेकिन मैं बहुत सारी फिल्में कर रहा था. मैं बहुत व्यस्त था और रमेश जी मुझे यह नहीं बता पा रहे थे कि उन्हें मुझे कितने दिनों के लिए चाहिए. वे चाहते थे कि मैं ‘शोले’ के लिए अपनी सारी तारीखें खाली कर दूं, जो संभव नहीं था.मुझे लगता है कि मुझे वह फिल्म करनी चाहिए थी. मैंने नहीं की. लेकिन मुझे अमिताभ बच्चन के लिए भी खुशी होती है, जिन्हें ‘शोले’ से इतना बड़ा ब्रेक मिला और वे राष्ट्रीय प्रतीक बन गए.’

हिंदी सिनेमा की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में शुमार ‘शोले’ एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटने जा रही है. साल 2025 में फिल्म को 4K वर्जन में दोबारा रिलीज किया जाएगा, जिससे दर्शक इस क्लासिक को पहले से भी ज्यादा शानदार क्वालिटी में देख पाएंगे. धर्मेंद्र के निधन के बाद इस घोषणा ने फैंस के दिलों में भावनाओं की लहर दौड़ा दी है, क्योंकि अब उन्हें जय-वीरू की दोस्ती और गब्बर-ठाकुर की महागाथा आखिरी बार सिनेमाघरों में महसूस करने का मौका मिलेगा.
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