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नई दिल्ली : PVR-INOX को 25 मिनट तक एड्स दिखाना भारी पड़ गया! बेंगलुरु के एक शख्स ने ‘सैम बहादुर’ फिल्म देखने के दौरान समय बर्बाद होने पर मुकदमा दायर किया. कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए PVR-INOX पर ₹1 लाख का जुर्मान…और पढ़ें
PVR-INOX पर हुआ केस…(फोटो साभार- IMDB)
हाइलाइट्स
- PVR-INOX पर 1 लाख का जुर्माना लगा.
- 25 मिनट एड्स दिखाने पर कोर्ट ने सख्त कार्रवाई की.
- शिकायतकर्ता को ₹28,000 मुआवजा देने का आदेश.
नई दिल्ली : आजकल सिनेमाघरों में फिल्म देखने का मतलब सिर्फ फिल्म ही नहीं, बल्कि ढेर सारे एड्स भी देखना होता है. अगर फिल्म ढाई घंटे की है, तो आपको कम से कम साढ़े तीन घंटे का समय निकालना होगा. हाल ही में बेंगलुरु के एक व्यक्ति ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और PVR-INOX के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.
बेंगलुरु के अभिषेक एमआर नाम के व्यक्ति ने कोर्ट में शिकायत की कि उन्होंने विक्की कौशल की फिल्म सैम बहादुर देखने के लिए टिकट खरीदी थी, लेकिन PVR-INOX ने फिल्म से पहले 25 मिनट तक एड्स दिखाए. इस वजह से उनका कीमती समय बर्बाद हुआ और उनके अन्य कामों पर असर हुआ है.
कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने माना कि PVR-INOX का ये कदम सही नहीं था और लोगों के समय का गलत तरीके से इस्तेमाल हो रहा था. कोर्ट ने कहा कि PVR-INOX टिकट पर फिल्म का सही समय डालें. फिल्म शो टाइम के बाद एड्स न दिखाए.
PVR-INOX पर लगा जुर्माना
कोर्ट ने PVR-INOX पर सख्त कार्रवाई करते हुए- शिकायतकर्ता को मानसिक परेशानी के लिए ₹20,000 का मुआवजा देने का आदेश दिया. शिकायत दर्ज कराने में हुए खर्च के लिए ₹8,000 अतिरिक्त मुआवजा देने को कहा. दोनों मल्टीप्लेक्स चेन्स पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया.
क्यों है ये फैसला जरूरी?
ये फैसला उन सभी फिल्म प्रेमियों के लिए राहतभरी खबर है, जो सिनेमाघरों में बार-बार बेवजह के एड्स देखने को मजबूर होते हैं. अब उम्मीद की जा सकती है कि मल्टीप्लेक्स चेन अपने नियमों में बदलाव करेंगी और लोगों के समय की कद्र करेंगी.
सैम बहादुर की कहानी
सैम बहादुर साल 2023 में रिलीज हुई एक बायोपिक फिल्म है, जो भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की जिंदगी पर बेस्ड है. इस फिल्म का निर्देशन फेमस फिल्म मेकर मेघना गुलजार ने किया है, जो इससे पहले राजी जैसी दमदार फिल्म बना चुकी हैं.
फिल्म में विक्की कौशल ने सैम मानेकशॉ का किरदार निभाया है और उनके जीवन के स्ट्रगल, वीरता और नेतृत्व को बखूबी पर्दे पर उतारा है. सैम मानेकशॉ भारतीय सेना के उन जांबाज अफसरों में से थे, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में बड़ी भूमिका निभाई थी और बांग्लादेश को आजादी दिलाने में मदद की थी.
Mumbai,Maharashtra
February 19, 2025, 10:49 IST
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