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नई दिल्ली. आप भी अगर किसी कमाई वाले शेयर की तलाश में हैं तो अडानी पावर के शेयर पर दांव लगा सकते हैं. ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनली ने इस मल्टीबैगर शेयर को खरीदने की सलाह दी है. पिछले पांच साल में अडानी पावर शेयर निवेशकों को 1900 फीसदी रिटर्न दे चुका है. वहीं, साल 2025 में यह स्टॉक अब तक निवेशकों को 45 फीसदी मुनाफा दे चुका है. मॉर्गन स्टैनली का अनुमान है कि आगे इस शेयर में 17 फीसदी और तेजी आ सकती है.
सितंबर 2025 में खत्म हुई दूसरी तिमाही (Q2) में अडानी पावर ने शानदार प्रदर्शन किया और कंपनी का नेट प्रॉफिट 13.5% बढ़कर ₹273.49 करोड़ हो गया. पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹240.94 करोड़ था. कंपनी की कुल आय (Revenue from Operations) भी सालाना आधार पर 9.5% बढ़कर ₹1,124.27 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹1,026.43 करोड़ थी.
अडानी पावर शेयर टारगेट प्राइस
मॉर्गन स्टैनली ने अडानी पावर शेयर की ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस ₹163.60 से बढ़ाकर ₹185 कर दिया है. कंपनी का कहना है कि अडानी पावर की कमाई आगे और बढ़ सकती है. कंपनी के बिजली खरीद समझौते मजबूत हैं और बैलेंस शीट भी मजबूत स्थिति में है. मार्केट स्टैनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की सबसे बड़ी निजी बिजली बनाने वाली कंपनी है और NTPC के बाद दूसरी सबसे बड़ी थर्मल पावर डेवलपर है. अभी कंपनी का मार्केट शेयर 8% है, जो FY32 तक बढ़कर 15% तक पहुंच सकता है.
5 साल में 1900 फीसदी रिटर्न
अडानी पावर शेयर ने निवेशकों को लॉन्ग टर्म में मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. इस शेयर की कीमत पिछले पांच साल में 1931 फीसदी चढ चुकी है. 5 साल पहले यह शेयर केवल 7.60 रुपये का था जो अब 153 रुपये का हो चुका है. पिछले छह महीनों में इस शेयर ने 43.95 फीसदी रिटर्न दिया है.वहीं, सालभर में अडानी पावर शेयर की कीमत 27 फीसदी बढी है. अगर किसी निवेशक ने पांच साल पहले अडानी शेयर में एक लाख रुपये लगाए थे और अब तक निवेशित हैं तो आज उनके इन्वेस्टमेंट की कीमत 2,013,157 रुपये हो चुकी है.
कंपनी शेयरहोल्डिंग
Trendlyne के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी में 75% हिस्सेदारी प्रमोटरों के पास है. इसके बाद 11.5% हिस्सेदारी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की है. म्यूचुअल फंड्स (MF) ने भी कंपनी में अपनी उपस्थिति बनाए रखी है और फिलहाल उनका हिस्सा 2.7% है. कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 10.8% है. कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) बेहद मजबूत है, जो बताता है कि कंपनी अपने शेयरधारकों की पूंजी पर बेहतर मुनाफा कमा रही है. इसके साथ ही कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बेहद कम है. कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो लगातार बढ़ रहा है. इसका मतलब है कि कंपनी अपने मुख्य व्यवसाय से ज्यादा नकदी पैदा कर रही है.
कंपनी प्रबंधन और इनसाइडर्स ने पिछले तीन महीनों में अपने शेयर नहीं बेचे हैं, जो आमतौर पर सकारात्मक संकेत माना जाता है कि कंपनी के भविष्य को लेकर अंदरूनी लोग भी उत्साहित हैं. लॉन्ग टर्म परफॉर्मेंस के मामले में भी कंपनी ने बाज़ी मारी है. लंबी अवधि में कंपनी के रिटर्न अपने उद्योग की तुलना में अधिक रहे हैं.
हालांकि, इन सब सकारात्मक पहलुओं के बावजूद कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं. विश्लेषकों के अनुसार, कंपनी की प्रॉफिट ग्रोथ उद्योग के औसत स्तर से बेहतर नहीं है. इसके अलावा कंपनी की बिक्री में वृद्धि भी उद्योग के मीडियन ग्रोथ से पीछे है, जो दर्शाता है कि कंपनी को प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने के लिए बिक्री और मुनाफे के मोर्चे पर और मेहनत करनी होगी.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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