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कर्नाटका के कोलार जिले के किसान व कांग्रेस नेता के.एस. वेंकटेश गौड़ा ने 15 लाख रुपये में हल्लिकार बैल खरीदे हैं. ये बैल न केवल खेती के लिए उपयोगी हैं, बल्कि इनकी कीमत में इजाफा हो रहा है, जिससे ये अब व्यापारिक संपत्ति बन गए…और पढ़ें
कोलार: कर्नाटक के कोलार जिले के मालूर तालुका के क्षेत्रनहल्ली गांव के किसान व कांग्रेस नेता के.एस. वेंकटेश गौड़ा ने हाल ही में हल्लिकार बैल खरीदे हैं. बता दें कि इन बैलों की कीमत है 15 लाख रुपये, जो कि किसी भी सामान्य बैल के मुकाबले काफी ज्यादा है. इन बैलों की कद-काठी बहुत ही शानदार है. बता दें कि इनकी ऊंचाई लगभग 6 फीट है.
हल्लिकार बैलों की खासियत
वेंकटेश गौड़ा का परिवार कई पीढ़ियों से हल्लिकार बैलों की देखभाल करता आ रहा है. उनके दादा और पिता भी बैल पालन के साथ-साथ खेती में लगे हुए थे. हल्लिकार बैल न केवल खेती में उपयोगी होते हैं, बल्कि इनकी देखभाल एक परंपरा बन चुकी है. इस पारंपरिक बैल पालन के साथ ही उनका परिवार कृषि के क्षेत्र में भी काफी प्रगति कर चुका है.
बैलों ने जीता सम्मान, अब मिला नया खरीददार
वेंकटेश गौड़ा ने पिछले साल भीमेश्वर सफलांब मेले में अपने बैलों को प्रतियोगिता में भेजा था, जहां उन्होंने पहला पुरस्कार जीता था. अब, कुछ दिन पहले, राज्य कृषक समाज के अध्यक्ष पापन्ना स्वामी ने अपने हल्लिकार बैलों को 15 लाख रुपये में बेच दिया. यह बिक्री तुमकुरु के कुनिगल तालुका के चिक्कनहट्टी गांव में हुई, जिसने इस क्षेत्र में हल्लिकार बैलों की महत्ता को और भी बढ़ा दिया है.
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हल्लिकार बैल की बढ़ती कीमत
बता दें कि इस तरह की बिक्री और बैलों की बढ़ती कीमत यह साबित करती है कि हल्लिकार बैल अब केवल खेती के काम के लिए नहीं, बल्कि एक व्यापारिक संपत्ति (Trading Assets) बन चुके हैं. इस खरीद-फरोख्त ने इस प्राचीन भारतीय परंपरा को एक नई दिशा दी है, और भविष्य में यह बैल और भी महंगे हो सकते हैं.
रिपोर्ट: रघुराज
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