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भारत से हार के बाद पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है. पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी अपनी पूरी टीम को बदलने की मांग कर रहे हैं. शोएब अख्तर ने तो बाबर आजम को धोखेबाज तक कह दिया.
पाकिस्तानी दिग्गजों ने अपनी टीम की जमकर आलोचना की.
हाइलाइट्स
- जावेद मियांदाद, अकरम और अख्तर ने बाबर आजम की जमकर लताड़ लगाई
- भारत से हार के बाद पाकिस्तानी दिग्गज अपनी टीम को खरी खरी सुना रहे हैं
- बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान सहित सभी धुरंधर भारत के सामने फेल हो गए
नई दिल्ली. भारत के खिलाफ हार के बाद पाकिस्तान के दिग्गज अपने खिलाड़ियों पर बौखलाए हुए हैं. जावेद मियांदाद से लेकर शोएब अख्तर तक सभी पूरी टीम को बदलने की मांग कर रहे हैं. भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान को 6 विकेट से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की.पाकिस्तान की टीम चैंपियंस ट्रॉफी से लगभग बाहर हो चुकी है. दिग्गजों का कहना है कि पाकिस्तान की टीम भारत के खिलाफ दबाव में दिखी और वो प्रैशर नहीं झेल पाई.इनमें कई दिग्गजों ने बाबर आजम की जमकर आलोचना की. उनका कहना है कि बाबर कभी भी भारत के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं करते. पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने मोहम्मद रिजवान की टीम को छह विकेट से मिली करारी हार पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है. जिससे चैंपियंस ट्रॉफी के नॉकआउट में पहुंचने की टीम की उम्मीद लगभग खत्म हो गई.
पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों ने टीम के दृष्टिकोण, रवैये और योजना की आलोचना की है. महान क्रिकेटर वसीम अकरम ने 2026 टी20 विश्व कप से पहले सफेद गेंद की टीम में आमूलचूल परिवर्तन की मांग की है. क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाजों में से एक शोएब अख्तर ने तो बाबर आजम को ‘धोखेबाज’ तक कह दिया. पूर्व कप्तान और कोच मुहम्मद हफीज ने तीनों तेज गेंदबाजों शाहीन अफरीदी, हारिस राउफ और नसीम शाह को टीम से बाहर करने की मांग की. अकरम ऑफ स्पिनर अबरार अहमद द्वारा शुभमन गिल को शानदार गेंद पर आउट करने के बाद बाहर जाने का इशारा करके दी गई विदाई से भी नाराज थे.
अकरम ने कहा, ‘हर चीज का एक समय होता है. क्या उसे यह बताने वाला कोई नहीं है कि तुम क्या कर रहे हो? मैच की स्थिति को देखिए, तुम दबाव में हो और तुम ऐसे जश्न मना रहे हो जैसे तुमने पांच विकेट लिए हों.’ पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद इस नतीजे से हैरान नहीं थे लेकिन उन्होंने आश्चर्य जताया कि खिलाड़ी इतने दबाव में क्यों दिख रहे थे. उन्होंने कहा, ‘व्यवस्था, चयनकर्ताओं और इन सब पर दोष मढ़ना बेकार है. सवाल यह है कि क्या इन चयनित खिलाड़ियों में कुछ कमी है? क्या पीसीबी उनका ख्याल नहीं रखता? क्या उन्हें पर्याप्त भुगतान नहीं किया जाता? तो बड़े मैचों और टूर्नामेंटों में प्रदर्शन करने के लिए जुनून, जोश और पेशेवर रवैया कहां है.’
मियांदाद ने कहा, ‘सच तो यह है कि मैच शुरू होने से पहले ही हमारे खिलाड़ी दबाव में थे. उनकी भाव भंगिमा देखिए. उनमें से कोई भी भारतीय गेंदबाजों पर हावी होने की कोशिश नहीं कर रहा था.’ मियांदाद ने कहा कि खिलाड़ी हमेशा मुश्किल समय में अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं. उन्होंने इस तरह की मानसिकता के एक बेहतरीन उदाहरण के रूप में विराट कोहली का नाम लिया जिन्होंने मैच में नाबाद 100 रन बनाए. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने तब अच्छा प्रदर्शन किया जब उनकी टीम को उनसे अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत थी.’
हफीज ने यह भी कहा कि जो लोग बाबर और कोहली की तुलना करने की कोशिश कर रहे थे वे रविवार को शर्मिंदा हो गए. उन्होंने कहा, ‘एक मैच को छोड़कर मुझे याद नहीं आता कि बाबर ने भारत के खिलाफ कभी अच्छा प्रदर्शन किया हो.’ पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और मुख्य कोच वकार यूनिस ने कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी का प्रदर्शन एक चेतावनी है. यूनुस ने कहा, ‘अब समय आ गया है कि हम गंभीरता से आगे की योजना बनाएं, कुछ युवा खिलाड़ियों को आजमाएं और उनके साथ बने रहें तथा नतीजों के लिए धैर्य रखें. तेज गेंदबाजों ने बहुत निराश किया.’
पूर्व कप्तान मोइन खान ने कहा कि खिलाड़ियों की आलोचना करना व्यर्थ है क्योंकि वे आलोचनात्मक राय के प्रति उदासीन हो गए हैं. मोइन ने कहा, ‘कुछ दिनों बाद सब कुछ भुला दिया जाएगा और हम वही बातें सुनना शुरू कर देंगे और वही वादे किए जाएंगे.’ उन्होंने कहा, ‘देश को सेवा देने वाले सभी पूर्व कप्तानों और खिलाड़ियों को पीसीबी से स्वतंत्र होकर एक साथ बैठने और पाकिस्तान क्रिकेट को पुनर्जीवित करने के लिए उचित खाका तैयार करने की जरूरत है.’
New Delhi,Delhi
February 24, 2025, 18:56 IST
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