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बेंगलुरु का सदियों पुराना हलासूर सोमेश्वर स्वामी मंदिर ने अब शादियां कराने से तौबा कर ली है. वजह है कि यहां के पंडित अब कोर्ट-कचहरी के चक्करों से परेशान हो गए हैं. मंदिर ये फैसला कई सालों पहले कर चुका है, लेकिन ये खुलासा अब हुआ जब एक जोड़ा मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच गया.

बेंगलुरु का सदियों पुराना हलासूर सोमेश्वर स्वामी मंदिर (Halasuru Someshwara Swamy Temple), जो कभी शादियों के लिए एक लोकप्रिय स्थान था, उसने अपने परिसर में शादियां करवाना बंद कर दिया है. मंदिर प्रशासन ने इसकी वजह भी बताई है. दरअसल यहां के पंडित अब कोर्ट-कचहरी के चक्करों से परेशान हो गए हैं. मंदिर प्रशासन ने बताया कि जब यहाँ शादी करने वाले जोड़ों का तलाक होता है, तो उन्हें कानूनी झंझटों का सामना करना पड़ता है और अक्सर कोर्ट में गवाही देने के लिए बुलाया जाता है.
मंदिर समिति का कहना है कि वे शादी टूटने के बाद होने वाले कानूनी विवादों से परेशान हो चुके हैं. यह फैसला लगभग छह-सात साल पहले लिया गया था, लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सामने आने के बाद यह सार्वजनिक हुआ है.
कोर्ट-कचहरी से परेशान हुए पुजार
यह फैसला तब लोगों की नजर में आया जब एक व्यक्ति ने शादी कराने से मना करने की शिकायत सीधे कर्नाटक के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में कर दी. जब CMO ने मंदिर प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा, तो पुजारियों और अधिकारियों ने बताया कि वे शादी टूटने के बाद कोर्ट-कचहरी के मामलों में शामिल होने से तंग आ चुके थे. ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर स्टाफ ने साझा किया कि तलाक की सुनवाई के दौरान उन्हें अक्सर अदालत द्वारा गवाह के तौर पर बुलाया जाता था.
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