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क्लो ब्रॉड व्यस्त एयरहोस्टेस हैं. कुछ महीनों से ब्रेकअप होने के कारण वे खुद को ज्यादा ही थकी और निराश महसूस कर रही थीं. लेकिन उन्होंने हैरानी तब हुई जब थकान और हाथ के एक असमान्य तिल की जांच डॉक्टर से कराई. उसमे…और पढ़ें
एयरहोस्टेस को लगा कि वह केवल ब्रेकअब और काम की व्यस्तता के कारण परेशान है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हाइलाइट्स
- महिला को ब्रेकअप के बाद स्किन कैंसर का पता चला
- क्लो ब्रॉड ने सनबेड्स का अत्यधिक उपयोग किया
- डॉक्टरों ने क्लो के कैंसर कोशिकाएं निकाल दीं
जीवन में हादसे इंसान को बीमारों से भी बदतर हाल में पहुंचा देते हैं. आज के आधुनिक जमाने में, खास तौर से पश्चात्य संस्कृति में रिलेशनशिप और ब्रेकअप बहुत आम बात हो गई है. फिर भी इनका जीवन पर बहुत गहरा असर होता है. कई लोगों के लिए ब्रेकअप का समय केवल किसी बुरे दिन की तरह होता है. वहीं किसी के लिए एक लंबे समय के लिए सदमे की तरह होता है. लेकिन एक महिला के लिए कुछ जयादा ही बुरा हादसा हो गया. क्योंकि वह समझ रही थी की उसके शरीर में जो हो रहा है, वह ब्रेक अप की वजह से होने वाले डिप्रेशन के कारण है. लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि उसे तो कैंसर का रोग है.
कमजोरी पर गलतफहमी
पेशे से एयर होस्टेस क्लो ब्रॉड ब्रेक होने के बाद सिंगल लाइफ से जूझ कर सदमें से उबरने की कोशिश कर रही थीं. बिजी शेड्यूल की थकान जेट लेग के असर के कारण वे खुद के अक्सर ऊर्जा हीन महसूस करती थीं. लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वे तो किसी और ही मुसीबत में फंसने वाली हैं.
सनबेड की कहानी
द सन के मुताबिक डेविन एक्समाउथ की रहने वाली क्लो का कहना है कि उन्होंने पहला सनबेड (लंबे समय तक सनबाथ) ली थी लेकिन धीरे धीरे उन्होंने इसे बढ़ा दिया. उन्होंन बताया कि उन्होंने शरीर के रंग में टैनिंग अच्छी लगती थी इसलिए सनबेड्स का इस्तेमाल शुरू किया. जल्द ही वे रोजाना सनबेड्स करने लगीं. और ऐसा उन्होंने छह महीनों के लिए किया. लेकिन वे यहीं नहीं रुकीं उन्हौंने क्रीम और नेजल स्प्रे आदि का भी डेढ़ साल तक इस्तेमाल किया. और उन्हें सनबेड का नशा हो गया.
क्लो ब्रॉड खुशकिस्मत थीं कि इतना खतरनाक कैंसर होने पर भी वे बच गईं. (तस्वीर: Instagram)
फिर पता चला रोग का
लेकिन थकान और बांह पर एक तिल को लेकर डॉक्टर को दिखाने फैसला किया. जांच के नतीजे ने तब उन्हें हैरान कर दिया जब उन्होंने रिपोर्ट में पाया कि उन्हें तो असल में स्किन कैंसर है. यह मेलानोम नाम का त्वचा कैंसर रोग था. जिससे अकेले यूके में ही हर साल 2500 लोग मारे जाते हैं.
लेकिन क्लो के लिए हैरानी की बात तो यही थी कि वे तो सिर्फ ब्रेकअप से उबरने की कोशिश कर रही थीं. डॉक्टरों का कहना है कि वे खुशकिस्मत ररहे कि वे क्लो के सारी कैंसर कोशिकाएं निकाल कर फेंक सके. अब क्लो लोगों को इस कैंसर को लेकर जागरूकता फैला रही हैं.
Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
February 11, 2025, 08:46 IST
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