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भारतीय महिला अंडर-19 टीम ने वर्ल्ड कप जीता, त्रिशा-वैष्णवी चमके

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भारतीय अंडर-19 टीम ने ना सिर्फ वर्ल्ड कप जीता, टीम के हर खिलाड़ी ने अपना लोहा भी मनवाया. गेंदबाजी में टॉप तीन में तीनों गेंदबाज भारतीय रहे वहीं बल्लेबाजी में टॉप तीन नामों में दो नाम भारतीय बल्लेबाजों के रहे जो…और पढ़ें

टूर्नामेंट जीतने के साथ टनाटन प्रदर्शन कर टॉप पर रहीं भारतीय लड़कियां

मलेशिया में छा गई भारतीय छोरियां, बैट बॉल के साथ टनाटन प्रदर्शन

हाइलाइट्स

  • भारतीय अंडर-19 टीम ने वर्ल्ड कप जीता.
  • त्रिशा ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 309 रन बनाए.
  • वैष्णवी ने 17 विकेट और आयुषी ने 14 विकेट लिए .

नई दिल्ली. मलेशिया में भारतीय टीम ने एक और अंडर 19 वर्ल्ड कप अपने नाम किया और साथ ही विश्व क्रिकेट को एक संदेश भी भेज दिया कि ये लड़कियां आने वाले सालों में कैसे अपनी धाक जमाने को तैयार है. खेल के तीनों डिपार्टमेंट में भारतीय खिलाड़ियों का बोलबाला रहा . अंडर-19 टीम ने हर मैच में अपने विरोधी के नेस्तनाबूद किया और मैदान पर हर बार ये लगा कि 11 शेरनी मैदान पर उतर रही है .

क्या बल्लेबाजी क्या गेंदबाजी और क्या क्षेत्ररक्षण हर सब जगह टॉप पर नजर आई हमारी छोरियां. फाइनल तो एक तरफा ही रहा पर पूरे टूर्नामेंट पर नजर डाले तो  पूरा वर्ल्ड कप ही पूरी तरह एक तरफा नजर आया. त्रिशा ने जहां बल्लेबाजी में अपनी छोप छोड़ी वहीं दोनों बाएं हाथ के स्पिनर्स ने ने हर मैच में अपना वर्चस्व बनाए रखा. फाइनल में में भी स्पिनर्स ने सात विकेट लिए .

 गेंद घूमी टीम इंडिया झूमी 

भारत की स्पिन गेंदबाजी हमेशा से ताकत रही है और इस बार मलेशिया में खत्म हुए वर्ल्ड कप में भी भारतीय स्पिनर्स का बोलबाला रहा. विकेट लेना बाएं हाथ का काम है ये बात वैष्णवी शर्मा और आयुषी शुक्ला बहुत आराम से कह सकती है. दोनों बाएं हाथ के स्पिनर ने टूर्नामेंट में सभी टीमों के बल्लेबाजों को परेशान किया और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजी बनी. वैष्णवी ने 6 मैच में 22 ओवर गेंदबाजी की 4.35 की औसत से 17  विकेट लिए.वैष्णवी ने टूर्नामेंट की बेस्ट स्पेल भी फेंका. वैष्णवी ने 5रन देकर 5 विकेट लिए .  वहीं आयुषी शर्मा ने 7 मैच में 26.3 ओवर गेंदबाजी करके 5.71 की औसत से 14 विकेट लिए. विकेट लेने वाले गेंदबाजों में तीसरे नंबर पर भी भारतीय गेंदबाज हसरत गिल का नाम रहा जिसने 6 मैच में 10 विकेट लिए. पूरे वर्ल्ड कप में टॉप तीन गेंदबाजों में भारतीय गेंदबाजों का नाम होना ये दर्शाता है कि कैसे भारतीय छोरियों  ने टूर्नामेंट पर अपनी छाप छोड़ी.

बल्लेबाजी में भी बोलबाला 

वर्ल्ड कप भारत के नाम हो चुका है, जश्न भी जमकर मनाया जा रहा है, जमकर पटाखे भी फोड़े जा रहे है पर जो धमाका  गोंगाडी त्रिशा ने किया उसको लंबे अर्से तक याद किया जाएगा. स्कॉटलैंड के  खिलाफ धुआंधार शतक लगाने वाली त्रिशा ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए . त्रिसा ने 7 मैच में 77.25 की औसत से 309 रन बनाए. इस दौरान त्रिशा ने 37 चौके लगाए और 5 छक्के लगाए .  उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उनको वूमेन आप दि टूर्नामेंट चुना गया. टूर्नामेंट में जी कमलिनी ने 7 मैचों में 35.75 की औसत से 143 रन बनाया और वो टॉप तीन बल्लेबाजों में तीसरे नंबर पर रही. कमलिनी ने इस टूर्नामेंट में 2 अर्धशतक लगाया.  कुल मिलाकर भारतीय खिलाड़ियों के साथ वर्ल्ड कप का समापन हुआ जहां से कई खिलाड़ियों ने ये संकेत दिए कि वो जल्दी ही सीनियर टीम में अपनी जगह बनाती नजर आएगी.

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टूर्नामेंट जीतने के साथ टनाटन प्रदर्शन कर टॉप पर रहीं भारतीय लड़कियां

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