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वैज्ञानिकों ने मंगल पर जीवन साबित करने के लिए बहुत ही नायाब तरीका खोजा है. उन्हें इंसानों के खून में एक अनोखा रसायन खोजा है. यह मंगल के सूक्ष्मजीवों को आकर्षित कर उन्हें बाहर निकालेगा. वे पृथ्वी पर इसकी टेस्टिं…और पढ़ें
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तकनीक से मंगल पर जीवन खोजना आसान हो जाएगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं यह सवाल अब भी जिंदा है. भले ही सतह पर जीवन के होने की अभी कोई संभावना नहीं हो, भले ही अभी तक ऐसे कोई प्रमाण नहीं मिले हों की मंगल की सतह पर जीवन था, लेकिन वैज्ञानिकों को बहुत उम्मीद है कि मंगल की सतह के काफी नीचे तरल पानी और कम से कम सूक्ष्म जीवन होने की पुरजोर संभावना हैं. इसकी पुष्टि के लिए वैज्ञानिकों ने वहां के सूक्ष्मजीवों को पकड़ने के लिए इंसानी खून में मिलने वाला एक खास तरह के रसायन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है.
खास तरह का उपकरण
खगोलजीव विज्ञानी ऐसे उपकरण तैयार कर रहे हैं जो सोए हुए बाहरी सूक्ष्मजीवों को सामने आने पर मजबूर कर देंगे. इस रसायन में एक प्रमुख तत्व ऐसा अमीनो ऐसिड है जो कि मानव खून में बहुत मिलता है. नासा वैज्ञानिकों ने एल सेराइन नाम का रसायन खोजा है जो उन्हीं अमीनो एसिड की तरह है जो कि उल्कापिंडों में मिले हैं. वे कई जीवों के लिए बहुत अहम हैं और उनमें हमारे भी प्रोटीन का संश्लेषण करने की क्षमता होती है.
बैक्टीरिया को खींचता है ये रसायन
टेस्ट करने से पता चला है कि पृथ्वी के बहुत ही कठिन हालात में जिंदा रहने वाले बैक्टीरिया एल सेराइन की ओर खिंचते हैं. इसलिए उन्होंने ऐसी मशीन तैयार की है जो इस रसायन को मंगल पर जा कर छोड़ेगी जिससे वहां के सूक्ष्मजीव आकर्षित हो कर बाहर आएंगे और फिर लाल ग्रह पर जीवन की मौजूदगी साबित करना आसान हो जाएगा.
शोधकर्ताओं का कहना है कि मंगल की सतह के नीचे जीव खून के खास रसायन की ओर खिंचे चले आते हैं. जिसका फायदा मिलेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: NASA)
तीन सूक्ष्मजीवों ने दिए नतीजे
जर्मनी की टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ बर्लिन में बायोसिग्नेचर रिसर्च करने वाले पूर्व एरोस्पेस इंजीनियर मैक्स रीकेल्स का बनाया यह उपकरण कैमियोटैक्सीस नाम की प्रक्रिया पर निर्भर करता है जिसमें पास में रसायन मसहूस कर सूक्ष्मजीवी प्रतिक्रिया देते हैं. पफ्रंटियर्स इन एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस साइंसेज जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पृथ्वी के सबसे कठोर हालात में पनपने वाले सूक्ष्मजीवों की तीन प्रजातियों पर सफल परीक्षण किया.
कहां मिले ये खास जीव
ये जीव मंगल के कठोर वातावरण में रहने वाले हो सकते हैं और सतह के नीचे छिपे हुए हो सकते हैं. पृथ्वी पर वैज्ञानिकों ने एक अंटार्कटिका के पास के महासागर में, दूसरा पेट का बैक्टीरिया जो कि 100 डिग्री सेल्सियस में रह सकता है, और तीसरा मृत सागर का जीव जो मंगल पर बहुत तीखे विकिरण को झेल सकता है, पता लगाया. तीनों ही एस सेराइन की ओर आकर्षित हो कर सक्रिय हुए थे.
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शोधकर्ताओं का कहना है कि मंगल की दक्षिण की ऊंचे भूभाग या निचले अक्षांश में वेलास मरीनरीज घाटी या फिर गुफाओं के अंदर ऐसे जीवों की पड़ताल की जा सकती है. वहां वायुमंडलीय तापमान पानी के सही रहता है. वहीं वैसे ही बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्म मिल सकते हैं जिन पर शोधकर्ताओं ने प्रयोग किया है.
Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh
February 11, 2025, 09:31 IST
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