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Python Rescue: नवसारी जिले के बोरियाच गांव में प्राइम कोल्ड स्टोरेज फैक्ट्री में फंसे चार फुट लंबे अजगर को वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम ने बचाया. मशीन से अजगर को निकालकर, वेटरनरी अस्पताल में सर्जरी की गई. सर्जरी में…और पढ़ें

हाइलाइट्स
- नवसारी में 4 फुट लंबे अजगर का रेस्क्यू किया गया.
- अजगर को बचाने के लिए 4 घंटे की सर्जरी हुई.
- सर्जरी में अजगर को 60 से अधिक टांके लगे.
नवसारी: गुजरात के नवसारीजिले के बोरियाच गांव में स्थित एक प्राइम कोल्ड स्टोरेज फैक्ट्री में चार फुट लंबा अजगर फंस गया था. कोल्ड स्टोरेज फैक्ट्री में फंसे अजगर को वन्य जीव संरक्षण और संवर्धन (Wildlife Conservation and Promotion) के लिए काम कर रही वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम ने रेस्क्यू कर उसकी जान बचाई.
बता दें कि नवसारी जिले के बोरियाच गांव में स्थित प्राइम कोल्ड स्टोरेज फैक्ट्री में एक असामान्य बचाव अभियान (uncommon rescue operation) चलाया गया, जहां एक चार फुट लंबे अजगर को बॉटल पैकेजिंग मशीन से बचाकर उसकी सफल सर्जरी की गई.
मशीन में फंस गया अजगर
वाइल्डलाइफ रेस्क्यू करने वाले सागर पटेल को घटना की जानकारी मिलते ही वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की श्रेणी-1 में शामिल इस भारतीय अजगर को मशीन में फंसा हुआ पाया गया.
सागर पटेल और जय पटेल ने अजगर को मशीन से बाहर निकालने के बाद उसे कामरेज यूनिवर्सिटी की वेटरनरी अस्पताल में पहुंचाया. आरएफओ मीना पटेल और नवल राठौड़ की मौजूदगी में, एनजीओ ट्रस्टी चिंतन मेहता, बिपिन परमार और बचाव टीम ने चार घंटे तक चली सर्जरी में अजगर को 60 से अधिक टांके लगाए.
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वाइल्डलाइफ रेस्क्यू ट्रस्ट के चिंतन मेहता के अनुसार, यह भारतीय अजगर बिना जहर वाली प्रजाति का है और इसके ऊपर-नीचे मिलाकर कुल 100 दांत होते हैं. फिलहाल इस संरक्षित प्रजाति के अजगर को वन विभाग की देखरेख में रखा गया है. जरूरी इलाज के बाद उसकी तबीयत में सुधार हुआ है और उसकी स्थिति स्थिर है. यह एक 700 साल पुराना मंदिर है. मुझे नहीं पता कि यह कितने सालों से जमीन के नीचे था. हाल ही में गांव में शुरू हुई समस्याओं ने हमें भगवान की उपस्थिति का एहसास कराया है.
January 31, 2025, 13:33 IST
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