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महीनेभर कराया काम, फिर सैलरी के नाम पर थमाए ‘कागज के टुकड़े’!

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आमतौर पर लोग जब काम करते हैं, तो उन्हें बदले में सैलरी मिलती है. हालांकि पड़ोसी देश चीन में एक ऐसा भी दफ्तर है, जहां लोगों को काम के बदले पैसे के बजाय कागज के ऐसे टुकड़े थमाए जा रहे हैं, जो उनके किसी काम के न…और पढ़ें

महीनेभर कराया काम, सैलरी के नाम पर थमाए 'कागज के टुकड़े',माथा पीट रहे कर्मचारी

सैलरी में मिले वाउचर्स.

हाइलाइट्स

  • चीन में एक कंपनी सैलरी के बदले वाउचर्स दे रही है.
  • कर्मचारी वाउचर्स लेकर परेशान हैं, सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई.
  • स्थानीय मानव संसाधन विभाग मामले की जांच कर रहा है.

आप ज़रा सोचकर देखिए कि आप महीनेभर काम करें और आपको सैलरी के नाम पर आपको पैसे के बजाय कुछ वाउचर्स दे दिया जाए, तो आपको कैसा लगेगा. हम तो ये कल्पना भी नहीं कर सकते क्योंकि ऐसा तो सिर्फ ऑफर्स के तहत हो सकता है. अब छोटे-बड़े कामों के लिए आप हर जगह वाउचर का इस्तेमाल तो कर नहीं सकते, ऐसे में आपको करेंसी की ज़रूरत होती है.

आमतौर पर लोगों की अपेक्षा भी यही होती है कि जब वे काम करते हैं, तो उन्हें बदले में सैलरी मिले. हालांकि पड़ोसी देश चीन में एक ऐसा भी दफ्तर है, जहां लोगों को काम के बदले पैसे के बजाय कागज के ऐसे टुकड़े थमाए जा रहे हैं, जो उनके किसी काम के नहीं हैं. सोशल मीडिया पर जब किसी कर्मचारी ने इन वाउचर्स की तस्वीर डाली, तो लोगों इस पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी.

काम के बदले पैसे नहीं, देती वाउचर्स
पड़ोसी देश चीन की एक कंपनी ने अजीब तानाशाही अपना रखी है. जिलिन प्रोविंस में मौजूद Motian Vitality City नाम के शॉपिंग सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों को कंपनी सैलरी के नाम पर वाउचर्स थमा रही है. ये वाउचर्स 10 युआन से लेकर 500 युआन यानि 120 रुपये से 6,039 रुपये तक के होते हैं. हर वाउचर पर बैंकनोट की तरह ही यूनिक नंबर होता है. Dazhong Zhuoyue Holding Group के सभी वेंचर्स में काम करने वाले कर्मचारियों को यही सैलरी दी जाती है. भले ही वो रियल एस्टेट, प्रॉपर्टी मैनेजमेंट या टैक्सी कंपनी में काम कर रहे हों.

सैलरी लेकर रो रहे हैं कर्मचारी
कर्मचारी इन वाउचर्स को प्रॉपर्टी मैनेजमेंट फीट, पार्किंग स्पेस पर डिस्काउंटेड रेट पर दे सकते हैं. इसके अलावा इनसे Motian Vitality City मॉल के अंदर रेस्टोरेंट, कपड़े की दुकान और अन्य सामानों की कुछ दुकानों में साल के अंत तक इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर खरीदे गए सामान का दाम इससे कम या ज्यादा हुआ, तो उन्हें इसके बदले बचे हुए पैसे भी नहीं मिलते हैं. सोशल मीडिया पर कर्मचारियों ने इसके बारे में बताते हुए कहा कि जिनके बच्चे हैं, उन्हें फीस भरनी है, कार का लोन देना और बूढ़े माता-पिता को पैसे देने हैं, वे इन वाउचर्स का क्या करें? फिलहाल स्थानीय मानव संसाधन विभाग का कहना है कि वो इस मामले की जांच कर रहे हैं. कंपनी कानून का उल्लंघन कर रही है और उसे कर्मचारियों को मुद्रा में ही सैलरी देनी चाहिए.

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महीनेभर कराया काम, सैलरी के नाम पर थमाए ‘कागज के टुकड़े’,माथा पीट रहे कर्मचारी

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