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आमतौर पर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा खाए-पिए और सेहतमंद रहे लेकिन इस वक्त एक ऐसे पैरेंट्स चर्चा में हैं, जिन्होंने अपनी ही बेटी को चलते-फिरता कंकाल बनाकर छोड़ा.
17 साल में लड़की का वजन सिर्फ 25 किलो. (Credit-WA District Court)
आपने बहुत से ऐसे लोगों के बारे में सुना होगा, जो अपने वज़न को मेनटेन करने के लिए डायटिंग का सहारा लेते हैं. हालांकि इसकी भी एक सीमा होती है और अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही आपको डायटिंग करनी चाहिए. अक्सर माता-पिता ऐसी किसी भी प्रैक्टिस से बच्चों के मना ही करते हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मां-बाप के बारे में बताएंगे, जो खुद ही अपनी बेटी को भूख से मारने पर तुले थे.
आमतौर पर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा खाए-पिए और सेहतमंद रहे लेकिन इस वक्त एक ऐसे पैरेंट्स चर्चा में हैं, जिन्होंने अपनी ही बेटी को चलते-फिरता कंकाल बनाकर छोड़ा. ये घटना ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक परिवार की है, जिसमें पैरेंट्स अपनी बेटी से एक सख्त डाइट प्लान का पालन करा रहे थे और बेटी 17 साल की उम्र में 9 साल जैसी दिखती थी.
खाने को तरसाते थे मां-बाप
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक लड़की की उम्र तो 17 साल हो चुकी थी, लेकिन देखने में वो सिर्फ 9 साल की बच्ची जैसी लगती थी. पर्थ में रहने वाले माता-पिता अपनी बेटी को डांस की सख्त ट्रेनिंग दिलवा रहे थे और घंटों नचाते थे. इसके बदले उसे खाने के लिए सिर्फ ऑर्गैनिक पियर्स, स्ट्रॉबेरीज़, माइनस्ट्रोन सूप और आइसक्रीम दी जाती थी. उसका खाना किसी बच्चे जितना था. वो सिर्फ डांस की ट्रेनिंग के लिए ही घर से बाहर जाती थी. यहीं पर उसके टीचर्स ने उसकी सेहत को लेकर चिंता जताई और उसके पैरेंट्स से उसे डॉक्टर के पास ले जाने को कहा. एक बार तो वे फर्जी सर्टिफिकेट बनवा लाए लेकिन बाद में चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में दिखाया.
चलता-फिरता कंकाल बन गई बेटी
डॉक्टरों ने उसकी जांच करने के बाद बताया कि वो ग्रेड 4 के कुपोषण का शिकार है. उसे 5 दिन तक फीडिंग ट्यूब से खिलाया गया और बाद में डाइट प्लान दिया गया. करीब 50 दिन अस्पताल में रहने के बाद उसमें थोड़ा सुधार हुआ. उसके माता-पिता उसे किसी बच्चे की तरह ट्रीट करते थे और टीनएज में भी कार्टून दिखाते थे और डॉल्स गिफ्ट करते थे. ये मामला आखिरकार कोर्ट तक पहुंचा और कोर्ट ने बच्चे के प्रति लापरवाही बरतने के लिए पिता को साढ़े 6 साल और मां को 5 साल जेल की सज़ा सुनाई है. वो बात अलग है कि खुद लड़की ने कोर्ट को लिखकर दिया कि उसके पास रहने की कोई जगह नहीं है, इसलिए केस खत्म कर दिया जाए.
February 03, 2025, 12:00 IST
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