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ऋचा चड्ढा आखिरी बार साल 2023 में आई फिल्म ‘फुकरे 3’ और पिछले साल आई वेब सीरीज ‘हीरामंडीः द डायमंड बाजार’ में दिखाई दीं. पिछले साल जुलाई में ही उन्होंने बेबी गर्ल को जन्म दिया. तबसे उन्होंने काम नहीं किया और बेबी के साथ ही वक्त बिता रही हैं. अब उन्होंने एक भावुक नोट शेयर किया है.

ऋचा चड्ढा ने मां बनने के बाद अपने जीवन में आए इमोशनल, फिजिकल और प्रोफेशनल चैलेंजेस के बारे में खुलकर बात की है. उन्होंने लगभग दो साल बाद काम पर लौटने की अपनी जर्नी को भी साझा किया है. उन्होंने ईमानदारी और बेबाकी के मैटरनिटी और एंटरटेमनेंट की दुनिया की सच्चाइयों को बिना किसी लाग-लपेट के सामने रखा है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @therichachadha)

ऋचा चड्ढा अपने इंस्टाग्राम पर तस्वीरों के साथ-साथ नोट भी लिखा है. उन्होंने नोट में काम पर लौटने की मुश्किलों का जिक्र किया है. उन्होंने माना कि भले ही वह जल्दी लौटना चाहती थीं, लेकिन उनका शरीर और मन इसके लिए तैयार नहीं था. उन्होंने बच्चे के जन्म के बाद मानसिक रूप से धीरे-धीरे और जटिल तरीके से उबरने की बात कही. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @therichachadha)

ऋचा चड्ढा ने यह भी बताया कि एक नई मां को खुद को फिर से खोजने के लिए किस तरह के सपोर्ट सिस्टम की जरूरत होती है. ऋचा ने इस संवेदनशील दौर में अपने पेशेवर जीवन में झेली गई तकलीफों का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने इंडस्ट्री में विश्वासघात और नैतिकता की कमी को लेकर खुलकर बात की. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @therichachadha)
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ऋचा चड्ढा का पोस्ट सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हस्तियों, खासकर नई मांओं पर कंटेंट बनाने के दबाव की भी आलोचना करता है. ऋचा ने इस बात पर सवाल उठाया कि किस तरह पर्सनल स्ट्रगल्स को बाजारू कहानियों में बदल दिया जाता है. उन्होंने एक सरल डिजिटल दौर की इच्छा जताई, जब शेयरिंग में परफॉर्मेंस या ब्रांडिंग की जरूरत नहीं होती थी. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @therichachadha)

ऋचा चड्ढा ने अपने नोट में लिखा, “रविवार को मैं लगभग दो साल बाद काम पर लौटी. जितना जल्दी मैं लौटना चाहती थी, मेरा शरीर, मेरा मन बिल्कुल तैयार नहीं था. लेकिन इन साफ दिखने वाली परेशानियों के अलावा, मुझे अपने करीबी लोगों से गहरे प्रोफेशनल धोखे का सामना करना पड़ा. मैंने सीखा है कि इस इंडस्ट्री में बहुत कम लोग ही नैतिकता और साहस रखते हैं.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @therichachadha)

ऋचा चड्ढा ने आगे लिखा, “ज्यादातर लोग इतनी गहरी हीन भावना और कमी की सोच से काम करते हैं कि वे कभी भी सच नहीं बोलते. वे कभी खुश नहीं रहते, जैसे डिमेंटर- जो जिंदगी की सारी खुशी चूस लेते हैं. जिन लोगों ने मेरे सबसे कमजोर दौर में मेरे साथ क्रूरता दिखाई, शायद उन्हें खुद अपने जीवन में पर्याप्त प्यार नहीं मिला. मैं माफ कर देती हूं, लेकिन कभी भूलती नहीं. कृपया ध्यान रखें, अगर आप मेरे रास्ते में आएं. आप जानते हैं आप कौन हैं.<br />डर लग रहा है? अच्छा है.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @therichachadha)

ऋचा चड्ढा ने लिखा, “अगर एक बच्चे को पालने के लिए पूरा गांव चाहिए, तो मां को संभालने के लिए जबरदस्त सपोर्ट चाहिए, क्योंकि मां को याद ही नहीं रहता कि वह बच्चे के जन्म से पहले कौन थी. इससे मानसिक रूप से उबरने में उम्मीद से ज्यादा वक्त लगा. हर कोई कहता है कि ज्यादा पोस्ट करो, ज्यादा ‘कंटेंट’ बनाओ, लेकिन मैं सोशल मीडिया की कर्मचारी नहीं हूं. मेरा भी एक जीवन है. और मैं अपनी जिंदगी की छोटी सी झलक भी शेयर करने से डरती हूं, कहीं मुझे किसी पॉडकास्ट में बुला न लिया जाए ‘इस बारे में बात करने के लिए’, कैमरे हर आंसू पर जूम करते हुए.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @therichachadha)

ऋचा चड्ढा ने लिखा, “मुझे वो दिन याद आते हैं जब इंस्टाग्राम सिर्फ खाने की फोटो और रोजमर्रा की चीजें शेयर करने की जगह थी. यह अंतिम चरण का नेक्रो-कैपिटलिज्म यह सुनिश्चित करता है कि जब भी कोई किसी मुद्दे पर बात करता है, बस! वही मार्केटिंग का नया निश बन जाता है! खाने की समस्या पर बात क्यों नहीं कर सकते बिना कोई डाइट बेचे?” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @therichachadha)

ऋचा चड्ढा ने आखिरी में लिखा, “पोस्ट-पार्टम डिप्रेशन पर बात क्यों नहीं कर सकते बिना उसका पोस्टर-चाइल्ड बने? बॉडी पॉजिटिविटी की बात क्यों नहीं कर सकते बिना अपने स्ट्रेच मार्क्स की क्लोज-अप फोटो डाले? हमें खुद से पूछना चाहिए कि चीजें शेयर करने का मकसद क्या है. क्या शेयर करना इसलिए जरूरी है ताकि दूसरों को अकेलापन न लगे? या फिर इसलिए ताकि आप अमीर बन सकें. मैं तो पहले से ही ऋचा हूं. हीही. जो दिखता है वो बिकता है. पर मैं बिकाऊ नहीं हूं.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @therichachadha)
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