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Gujarat News: सूरत महानगरपालिका द्वारा संचालित सुमन स्कूलों ने टेक्नोलॉजी शिक्षा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. 18 सुमन स्कूलों में AI, VR, ड्रोन, 3D टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स जैसे विषयों की पढ़ाई शुरू हो गई है.
सुमन स्कूलों में AI और रोबोटिक्स लैब की अनोखी पहल
हाइलाइट्स
- सूरत के 18 सुमन स्कूलों में AI, VR, ड्रोन और रोबोटिक्स की पढ़ाई शुरू.
- 5.97 करोड़ की लागत से 12 AI-रोबोटिक्स लैब बनाई गईं.
- 230 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
सूरत: आमतौर पर लोग मानते हैं कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को केवल किताबों का ज्ञान और थोड़ा बहुत कंप्यूटर का ज्ञान ही दिया जाता है. इसी के चलते ही माता-पिता अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजकर उनका भविष्य उज्ज्वल बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन सूरत महानगरपालिका ने इस धारणा को बदल दिया है. अगर आप छात्रों को ड्रोन उड़ाते और रोबोटिक्स लैब में प्रैक्टिकल करते देख रहे हैं, तो समझ लीजिए कि ये छात्र किसी निजी स्कूल के नहीं बल्कि सूरत की सरकारी सुमन स्कूलों के हैं.
चार साल का एक खास कोर्स शुरू किया
आज के समय में मध्यमवर्गीय से लेकर समृद्ध परिवार भी अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजना पसंद करते हैं, लेकिन सूरत महानगरपालिका ने इस धारणा को गलत साबित किया है. पालिका की 18 सुमन स्कूलों में एक अनोखी पहल की गई है. इन स्कूलों में चार साल का एक खास कोर्स शुरू किया गया है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के छात्र AI, VR, ड्रोन, 3D टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सीख सकेंगे और अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकेंगे.
गुजरात राज्य की पहली महानगरपालिका
यह लैब 5.97 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई है और इसमें बेसिक रोबोटिक्स किट, रोबोटिक्स और AI किट, ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स किट, मैकेनिकल कंस्ट्रक्शन किट, एडवांस रोबोटिक्स अटैचमेंट सेट, मैकेनिकल और पावर टूल्स किट, 3D प्रिंटर और लेजर इन्ग्रेवेर, ड्रोन किट, AR किट्स (MARS + CHESS), कंप्यूटर, वेबकैम, टैबलेट, नेटवर्किंग स्विच और केबलिंग तथा फर्नीचर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. ऐसी अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से सुसज्जित सुमन स्कूलों को शुरू करने वाली सूरत महानगरपालिका गुजरात राज्य की पहली महानगरपालिका बन गई है.
आज के टेक्नोलॉजी युग में AI, VR जैसी टेक्नोलॉजी का ज्ञान बहुत महत्वपूर्ण हो गया है. AI – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज्ञान, रोबोट कैसे काम करते हैं इसकी जानकारी और अन्य टेक्नोलॉजी का प्रैक्टिकल ज्ञान देने के लिए सूरत महानगरपालिका द्वारा संचालित 18 सुमन स्कूलों में 12 AI-रोबोटिक्स लैब शुरू की गई हैं. इन लैबों का लाभ 11 हजार से अधिक छात्र उठा सकेंगे और उन्हें आधुनिक टेक्नोलॉजी का ज्ञान मिल सकेगा. इसके लिए 230 से अधिक शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.
सरकारी स्कूलों में भी उत्कृष्ट शिक्षा और प्रशिक्षण मिल सकता है इसका उत्कृष्ट उदाहरण सूरत महानगरपालिका ने प्रस्तुत किया है. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा समय की मांग को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष जोर दिया गया है. उनके इस सपने को साकार करने के लिए शहर के गरीब, मध्यम वर्ग और श्रमजीवी परिवार के बच्चों को AI, रोबोटिक्स, कोडिंग और ड्रोन जैसी टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देकर उन्हें वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा में खड़ा करने के लिए सूरत महानगरपालिका ने सराहनीय पहल की है.
आश्चर्यजनक बात यह है कि 24 जनवरी से शुरू की गई इस लैब में केवल दो या तीन सत्रों में प्रशिक्षण लेने के बाद ही छात्र अपने वार्षिकोत्सव की शूटिंग ड्रोन द्वारा करते देखे गए. यह बात दर्शाती है कि अगर सीखने की इच्छा हो तो कुछ भी संभव है. सुमन स्कूल के छात्र वर्तमान में बहुत उत्साह से इस टेक्नोलॉजी को सीख रहे हैं और उनके चेहरों पर खुशी इस बात की गवाही देती है.
सीख रहे हैं कि रोबोट कैसे बनते हैं
इस बारे में अडाजन दिवालीबाग क्षेत्र की सुमन स्कूल नंबर 4 के कक्षा 9 से 12 के प्राचार्य डॉ. सुरेश एवैया ने बताया कि गरीब बच्चे भी आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग कर सकें इसके लिए शुरू की गई इस लैब में फिलहाल छात्र बेसिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं. वे सीख रहे हैं कि रोबोट कैसे बनते हैं, ड्रोन कैसे उड़ाए जाते हैं. हर दिन अलग-अलग कक्षाओं के छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. इसके लिए साल में परीक्षा भी ली जाएगी.
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छात्रा शिवानी चौहान ने बताया कि, “मैं कक्षा 9 की छात्रा हूं. हमारी स्कूल में AI और रोबोटिक्स लैब शुरू की गई है. हम ड्रोन के बारे में भी जान रहे हैं. हमें बहुत खुशी है कि हम यह टेक्नोलॉजी सीख रहे हैं.” इस बारे में जानकारी देते हुए एक अन्य छात्रा संध्या राठौड़ ने बताया कि, “मैं कक्षा 9 की छात्रा हूं. मुझे बचपन से रोबोट बनाने का शौक था और अब हमारी स्कूल में ही रोबोटिक्स लैब शुरू हो गई है. हम बहुत खुश हैं.”
February 17, 2025, 18:45 IST
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