[ad_1]
Agency:News18 Uttar Pradesh
Last Updated:
Bahraich News: निसार अहमद ने बहराइच में छाते को दुकान बनाकर लेडीज आइटम बेचने का अनोखा तरीका अपनाया. इससे उन्हें मेहनत कम करनी पड़ती है और अच्छी कमाई हो जाती है.पहले वह एक झोले में सामान को रखकर घूम-घूम कर मेले …और पढ़ें
छाते में लगती है यहा दुकान!
हाइलाइट्स
- निसार अहमद ने छाते को दुकान बनाकर लेडीज आइटम बेचना शुरू किया.
- छाते की दुकान से निसार को मेहनत कम और कमाई ज्यादा होती है.
- बहराइच के मेले में निसार की अनोखी छाते वाली दुकान आकर्षण का केंद्र है.
बहराइच: यूपी में गाड़ियों पर बिजनेस करने वालों की कोई कमी नहीं है. कोई मोटरसाइकिल पर दुकान बनाकर बिजनेस करता है, तो कोई कार को ही दुकान बना देता है, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं,जिन्होंने किसी मोटरसाइकिल कार को दुकान नहीं बनाया है,बल्कि इन्होंने एक बारिश से बचने वाले छाते को ही दुकान बना डाला है. जिसमें हर रोज यह सामान लगा कर बैठते और बिक्री करते हैं.
धांसू बिजनेस आइडिया
बहराइच जिले के मोहल्ला नूरुद्दीन चक में रहने वाले निसार अहमद अपने बिजनेस को लेकर बहुत परेशान रहते थे. पहले वह एक झोले में सामान को रखकर घूम-घूम कर मेले में बेचा करते थे. जिसमें काफी मेहनत करनी पड़ती थी और धक्के-मुक्के भी खाने पड़ जाते थे. तब इन्होंने सोचा क्यों न कुछ ऐसा काम किया जाए, जिससे दुकान भी लग जाए और कुछ पैसे भी न खर्च हो.
यहां से आया बिजनेस आइडिया का दिमाग!
निसार बहराइच समेत यूपी के अलग-अलग जिले में जहां भी मेला लगता है, वहां पर जाकर लेडीज सामान बालों में लगने वाले क्लेचर,रबर, चिमटी,समेत कई आइटम को बेचते हैं. एक बार इन्हीं आइटम को बेचने के लिए यह बाराबंकी जिले में स्थित देवे शरीफ गए हुए थे, जहां पर इन्होंने छाते में लगी हुई एक दुकान देखी. उनके मन में विचार आया क्यों न मैं भी इस तरह छाते में दुकान लगाऊं और फिर वहां से वापस बहराइच आने के बाद इन्होंने एक छाता खरीदा उसके बाद बहराइच सैयद सलार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाले मेले में इन्होंने छाते पर ही दुकान लगा दी. तब से लेकर आज तक यह छाते पर ही बिजनेस करते आ रहे हैं. हर रोज अच्छी कमाई हो जाती है और दुकान झट से लग जाती और झट से बढ़ जाती है. इसमें ज्यादा मेहनत भी नहीं करना पड़ता है.
कुछ इस तरह लगती है छाते में दुकान?
दरअसल छाते में दुकान कुछ इस तरह लगाई जाती है. सबसे पहले यह छाते को खोलकर उसको उल्टा कर देते हैं. उसके बाद इन्होंने एक लोहे का फ्रेम बनवा रखा है छाते के बीच का हिस्सा उसी में लगा देते हैं. इस फ्रेम से फायदा यह है कि हवा चलने पर छाता उड़ता नहीं है और हवा फ्रेम के आरपार आसानी से चली जाती है. इसलिए अपनी जगह पर छाता टिका रहता है और फिर इस छाते में सारी सामग्री को रखकर बड़े आराम से सेल करते हैं. महिलाएं भी इस छाते में सामान को अच्छे से देख लेती हैं और अपने मनपसंद सामान को छांट लेती हैं. अगर आप भी लेना चाहते हैं इस जुगाड़ू चाचा से चिमटी, रबर, क्लेचर या उनके पास मौजूद कई अन्य सामग्री तो आपको बहराइच शहर के सैयद सलार मसूद गाजी की दरगाह पर हलवा पराठा अली शेर होटल के पीछे आना पड़ेगा. जहां पर यह चाचा आपको छाते में दुकान लगाए हुए बड़े आराम से दिख जाएंगे.
Bahraich,Bahraich,Uttar Pradesh
February 10, 2025, 13:09 IST
[ad_2]
Source link