[ad_1]
ट्रेन का रोमांच किसे नहीं भाता? खिड़की से बाहर झांकते हुए पहाड़, नदियां, गांव और शहरों का नजारा. ये तो हर सफर का मजा है. लेकिन भारत में हम अपनी विवेक एक्सप्रेस को सबसे लंबी ट्रेन जर्नी मानते हैं, ये ट्रेन डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी तक चलती है. इसकी कुल लंबाई 4,273 किलोमीटर है और इस सफर को पूरा करने में करीब 80 घंटे का समय लगता है. लेकिन दुनिया में एक ऐसी ट्रेन यात्रा है जो आपके दिमाग की बत्ती गुल कर देगी.
ये है पुर्तगाल से सिंगापुर तक का रेल सफर. अपनी जर्नी में ये ट्रेन लगभग 18,755 किलोमीटर का सफर तय करती है. इसे पूरा करने में 21 दिन का समय लगता है. यानी पूरे 21 दिन रेल की पटरियों पर इंसान को समय बिताना पड़ता है. ये कोई लग्जरी ट्रेन नहीं होती. बल्कि 20 से ज्यादा सामान्य ट्रेनों का कनेक्शन है है. इसमें एक ही टिकट नहीं मिलता, हर देश की अलग बुकिंग और अलग वीजा की जरुरत पड़ती है.
एक ट्रेन से घूमें कई देश
अगर पैसेंजर के पास सारे डॉक्युमेंट्स मौजूद हैं, और सब कुछ सही रहा तो जर्नी की शुरूआत पुर्तगाल के दक्षिणी तटीय शहर लगोस से होती है. जहां समुद्र की लहरें और यूरोपीय सूरज की धूप है. फिर स्पेन के मैड्रिड, फ्रांस का पेरिस, जर्मनी का बर्लिन, पोलैंड का वारसॉ, बेलारूस होते हुए रूस के मॉस्को पहुंच जाता है. यहां से असली खेल शुरू होता है. अब पैसेंजर चढ़ते हैं ट्रांस-साइबेरियन रेलवे में. ये दुनिया की सबसे मशहूर रेल लाइन है जो 6,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबी है. मॉस्को से मंगोलिया के उलानबातार, फिर चीन के बीजिंग तक, साइबेरिया के बर्फीले जंगल, बैकाल झील (दुनिया की सबसे गहरी), गोबी रेगिस्तान के रेत, सबके दर्शन हो जाते हैं. ये हिस्सा अकेले 6-7 दिन ले लेता है.
वर्ल्ड रिकॉर्ड में है शामिल
ट्रेन की आगे की जर्नी बीजिंग से दक्षिण की ओर होती है. चीन के हाई-स्पीड ट्रेन से कुनमिंग, फिर लाओस-चीन रेलवे से विएंटियाने, वियतनाम होते हुए थाईलैंड का बैंकॉक तक का सफर तय होता है. आखिर में मलेशिया के कुआलालंपुर से सिंगापुर देखने को मिलता है. चमचमाते शहर में उतरते ही 8 टाइम जोन पार हो चुके होते हैं. अपनी इस जर्नी में ट्रेन कुल तेरह देश पार करता है, जिसमें पुर्तगाल, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड, बेलारूस, रूस, मंगोलिया, चीन, वियतनाम, लाओस, थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर शामिल है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, ये सबसे लंबी संभव ट्रेन जर्नी है. इस सफर को पूरा करने में कुल लागत आती है सिर्फ 1,350 डॉलर यानी करीब 1.1 लाख रूपये.
[ad_2]
Source link