[ad_1]
फारस की खाड़ी में बसा ईरान का होर्मुज आइलैंड दुनिया के सबसे अजीब और खूबसूरत द्वीपों में से एक है. यहां की मिट्टी-रेत ही यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है. यहां लोग सचमुच रेत खाते हैं! जी हां, स्थानीय लोग लाल रंग की इस खास रेत को “गेलक” कहते हैं और इसे ब्रेड पर जैम की तरह लगाकर चटनी की तरह खाते हैं.
बात करें इसके स्वाद की तो ये थोड़ा नमकीन, थोड़ा मीठा और खनिजों से भरपूर है. जो भी पर्यटक यहां आते हैं, वो भी हैरान होकर इसे चखते हैं. होर्मुज को “रेनबो आइलैंड” भी कहते हैं क्योंकि यहां की मिट्टी-रेत 70 से ज्यादा रंगों में मिलती है. लाल, पीली, नारंगी, सफेद, हरी, नीली, बैंगनी रंग की रेत भी आपको मिल जाएगी. यहां की ज्वालामुखी और खनिजों से भरी जमीन भी आकर्षण का केंद्र है.
रेत है जैम
आइलैंड की लाल रेत में आयरन ऑक्साइड ज्यादा है, इसलिए उसका स्वाद लोहे जैसा लगता है. स्थानीय लोग सदियों से इसे मसाले की तरह इस्तेमाल करते आए हैं. शादी-ब्याह में मेहमानों को गेलक ट्राई कराना आम बात है. लेकिन सिर्फ खाने वाली रेत ही नहीं, होर्मुज देखने में भी स्वर्ग है.
यहां रेड बीच आकर्षण का केंद्र है. यहां लाल रेत से ऐसा लगता है जैसे पूरा समुद्र खून से रंगा हो.
साइलेंट वैली: जहां इतनी शांति है कि अपनी सांसें भी गूंजती सुनाई देती है.
रेनबो वैली: यहां एक ही जगह पर दर्जनों रंगों की लहरदार पहाड़ियां मौजूद है.
कार्पेट म्यूजियम: यहां की औरतें रंग-बिरंगी रेत से पेंटिंग बनाती हैं.
सॉल्ट माउंटेन और क्रिस्टल गुफाएं: नमक की चमकती चट्टानें और अंदर हीरे जैसे क्रिस्टल नजर आते हैं. रात में फोटो खींचो तो समुद्र की लहरें नीली चमकती हैं जिसे बायोल्यूमिनेसेंस भी कहते हैं.
पूरा आइलैंड सिर्फ 42 वर्ग किलोमीटर का है. एक टुक-टुक या स्कूटर किराए पर लो और सूर्योदय से सूर्यास्त तक सब घूम लो. लोकल गाइड बताते हैं कि यहां की हर रंग की मिट्टी का अलग-अलग इस्तेमाल है. जैसे लाल खाने में, पीली पेंट में, सफेद प्लास्टर में इस्तेमाल होती है. सबसे खुशखबरी भारतीयों के लिए है.
2024-2025 में ईरान ने भारतीय नागरिकों के लिए होर्मुज आइलैंड को पूरी तरह वीजा-फ्री कर दिया है. बस पासपोर्ट दिखाओ और 14 दिन तक फ्री घूमो. दुबई या मस्कट से फ्लाइट या बोट से सिर्फ 2-3 घंटे में यहां पहुंचा जा सकता है. दुबई-ओमान की ट्रिप में होर्मुज को साइड ट्रिप बनाना अब सबसे ट्रेंडी हो गया है.
[ad_2]
Source link