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रेचल कौर: मलेशिया की सुपर वूमेन जो रोज 600 किमी ट्रैवल करती हैं

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Inspiring Story of Mother: भारतीय मूल की रेचल कौर मलेशिया में पेनांग राज्‍य से रोजाना 600 किमी ट्रैवल कर कुआलालंपुर पहुंचती है. वहां दफ्तर में काम करने के बाद रात को फिर एयर ट्रैवल के जरिए घर लौट आती है. वो बच्…और पढ़ें

मां बनी सुपर ट्रैवलर, रोज प्‍लेन से जाती है ऑफिस, ढूढ़ा कम खर्च वाला जुगाड़

सुपर मॉम ने जीता दिल. (File Photo)

हाइलाइट्स

  • रेचल कौर रोज 600 किमी ट्रैवल कर ऑफिस जाती हैं.
  • फ्लाइट से अप-डाउन करना किराए पर रहने से सस्ता पड़ता है.
  • बच्चों के साथ समय बिताने के लिए ऐसा करती हैं.

नई दिल्‍ली. अपने घर और दफ्तर को एक साथ मैनेज करने वाली कई महिलाओं की कहानी आपने देखी और सुनी होंगी लेकिन मलेशिया की रहने वाली रेचल कौर की कहानी जानकर आप दंग रह जाएंगे. भारतीय मूल की रेचल कौर रोजाना 600 किलोमीटर ट्रैवल कर सुबह ऑफिस जाती है और फिर रात को वापस घर भी लौट आती है. ऐसा वो केवल अपने बच्‍चों के साथ वक्‍त बिताने और उनकी पढ़ाई में मदद करने के लिए कर रही हैं. अब मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि ऐसा करने से तो इस सुपर वूमेन  का अच्‍छा-खासा खर्च हो जाता होगा. फिर वो कमाती क्‍या होगी? चलिए हम आपको इसके पीछे की पूरी स्‍टोरी के बारे में बताते हैं.

यूट्यूब चैनल सीएनए इंसाइडर ने इस महिला की एक दिन की पूरी जरनी को कवर किया, जिसमें पता चला क‍ि यह महिला हर रोज सुबह चार बजे उठती है और मलेशिया के पेनांग शहर से कुआलालंपुर जाने की अपनी जंग को शुरू करती है. रेचल का कहना है कि कुआलालंपुर में रहने के बजाए उसे रोज प्‍लेन से अप-डाउन करना ज्‍यादा सस्‍ता पड़ता है. उन्‍होंने बताया कि वो हर दिन सुबह आठ बजे से पहले ही ऑफिस पहुंच जाती है.

सुबह 4 बजे उठकर 8 बजे से पहले ऑफिस
रेचल कौर ने बताया कि वो सुबह 5 बजे अपने घर से हवाई अड्डे के लिए निकलती है. “आमतौर पर मैं सुबह 4 बजे, 4:10 बजे, 4:15 बजे के आसपास उठती हूं और फिर मैं नहाती हूं, कपड़े पहनती हूं और सुबह 5 बजे तक अपने घर से निकल जाती हूं. फिर मैं हवाई अड्डे के लिए धीमी गति से गाड़ी चलाती हूं, सुबह 5:55 बजे बोर्डिंग होती है, इसलिए मुझे अपनी कार पार्क करने, अपने जूते पहनने, वहां तक चलने, बोर्डिंग करने, फ्लाइट में चेक-इन करने, बैठने के लिए काफ़ी समय मिल जाता है. फिर उड़ान में आमतौर पर आधे घंटे से 40 मिनट लगते हैं. जिसके बाद मैं सुबह 7:45 बजे से पहले दफ़्तर पहुंच जाती हूं”

शुरुआत में क्‍वालालामपुर में अकेली रही रेचल
शुरुआत में रेचल ने क्‍वालालामपुर में फैमिली से दूर रहते हुए पेनांग में रहने का निर्णय लिया, लेकिन यह उसके लिए काफी मेहंगा साबित हो रहा था. वो केवल वीकेंड पर शनिवार और रविवार को ही परिवार के साथ समय बिता पाती थी. उन्‍होंने अंत में अपने बच्चों के बेहतर भविष्‍य के लिए क्‍वालालामपुर से रोज अप-डाउन करने का निर्णय लिया. रेचल कौर बताती हैं कि जब मैं वहां किराए पर रह रही थी, तो औसतन 474 यूएस डॉलर का खर्च हर महीने आता था.

इस वजह से आता है कम खर्च 
रेचल का कहना है कि रोजाना फ्लाइट से आने जाने से केवल 316 यूएस डॉलर लग रहे हैं. हवाई अड्डे से अपने दफ़्तर पहुंचने के लिए मुझे केवल 5 से 7 मिनट चलना पड़ता है, जिसे वो कवालालामपुर में ट्रैफ़िक जाम से बच जाती हैं. वो एयर एशिया एयरलाइंस में काम करती हैं. वो रोजाना उड़ानों के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च करती हैं. हालांकि इंप्‍लॉय होने के कारण उन्‍हें एयर एशिया से काफी डिस्‍काउंट भी मिल जाता है. जिसका वो भरपूर फायदा भी उठाती हैं. रेचल बताती हैं कि इस अरेजमेंट की मदद से रोजाना वापस अपने घर बच्‍चों के पास पहुंच पाती हूं. रोज रात को मैं अपने बच्‍चों से मिल पाती हूं. इतना ही नहीं उनके होमवर्क में भी मदद कर पाती हूं.

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