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बीकानेर:- कहते हैं कि ऊंट के मुंह में जीरा, लेकिन यह कहावत अब ऊंटों के लिए नहीं रही है, बल्कि अब ऊंटों के मुंह में दूध, घी, तेल और काजू, बादाम है. सुनने में भले अजीब लग रहा हो, लेकिन बीकानेर में इन दिनों ऊंटों की मौज हो रखी है. यहां ऊंट सर्दियों में स्पेशल डाइट प्लान पर है. सर्दी के अलावा अंतरराष्ट्रीय कैमल फेस्टिवल का मौका भी है. इस फेस्टिवल को लेकर कई ऊंट पालक अपने ऊंट को अच्छा दिखने और स्टेमिना बढ़ाने के लिए ऊंटों को चारा के अलावा गाय का देशी दूध, घी और काजू, बादाम दे रहे हैं, जिससे ऊंट काफी अच्छे दिखे.
तीन पीढ़ियों से कर रहे पालन
ऊंट पालक समीर खान ने लोकल 18 को बताया कि हमारा परिवार करीब तीन पीढ़ियों से ऊंट पालक का काम कर रहा है. ऊंट को काफी समय से तैयार कर रहे हैं. यहां ऊंट को स्पेशल डाइट दे रहे हैं. सुबह और शाम 10 किलो मोठ और मूंगफली का चारा देते हैं. पिछले एक से डेढ़ माह ऊंट को दूध, घी दे रहे हैं. रोजाना सुबह और शाम ऊंट को 2 किलो दूध, 300 ग्राम घी दे रहे हैं. इसके अलावा सेहत के अनुसार तेल भी दे रहे हैं.
इसके अलावा शाम को गर्म पानी के अंदर फिटकरी भी देते हैं. कैमल फेस्टिवल की तैयारी के लिए थोड़ा अच्छा दिखे, तो इसको लेकर काजू और बादाम भी दे रहे हैं. इस ऊंट का वजन 7 से 8 क्विंटल यानी 700 से 800 किलो है. पिछले साल यह ऊंट फर कटिंग यानी ऊंट डेकोरेशन और ऊंट सजाई में भाग लिया था. उस समय यह ऊंट तीसरे स्थान पर आया था और इस बार भी फेस्टिवल में भाग ले रहा है.
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स्टेमिना बढ़ाने के लिए खिला रहे काजू-बादाम
वे Local 18 को बताते हैं कि बीकानेर जिले में सैकड़ों ऊंट पालक हैं, जिनमें से कुछ ऊंट पालक ही हैं, जो ऊंटों को काजू, बादाम और दूध, घी दे रहे हैं. इससे ऊंट अच्छे दिख सके और ऊंटों का स्टेमिना ज्यादा बढ़ सके. यहां हर साल अंतरराष्ट्रीय कैमल फेस्टिवल में ऊंट दौड़ में 20 से 30 ऊंट भाग लेते हैं. ऊंटों का स्टेमिना बढ़ाने के लिए यह खुराक दी जाती है, जिससे 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सके. इसी को देखते हुए यह तैयारी की जा रही है.
Tags: Bikaner news, Camel milk, Local18, Rajasthan news
FIRST PUBLISHED : January 6, 2025, 12:54 IST
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