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शिफ्ट से पहले ही ऑफिस पहुंच जाती थी कर्मी, बॉस ने नौकरी से निकाला, लड़की ने कर दिया कंपनी के खिलाफ केस!

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स्पेन में एक महिला कर्मी को इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया, क्योंकि वह अपनी शिफ्ट शुरू होने के समय से काफी पहले ऑफिस आ जाती थी. नौकरी से निकाले जाने के बाद महिला ने कंपनी पर मुकदमा कर दिया. हालांकि, कोर्ट ने भी कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया.

शिफ्ट से पहले ही ऑफिस पहुंच जाती थी कर्मी, बॉस ने नौकरी से निकाला, फिर जो हुआसांकेतिक तस्वीर

दफ्तर में कई ऐसे लोग होते हैं, जो अक्सर देरी से आते हैं. मैनेजर अगर उनसे अगर देर से आने की वजह पूछ ले तो उनके पास बहाने भी तैयार होते हैं. लेकिन इन बहानों से ज्यादा दिन तक काम नहीं चल पाता है. ऐसे में कई बार इन लोगों को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि समय से पहले काम पर पहुंचने के लिए भी किसी को नौकरी से निकाला जा सकता है? यह एक ऐसा मामला है जो कंपनी-कर्मचारी संबंधों से जुड़े कानूनी पहलुओं को लेकर दुनिया भर में बहस छेड़ सकता है. स्पेन में हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां की रहने वाली एक महिला ने हाल ही में उस कंपनी के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर किया, जिसने उसे इस आधार पर नौकरी से निकाल दिया था कि वह सुबह काम पर बहुत जल्दी आ जाती थी.

इस स्पेनिश महिला को यह कड़वा अनुभव तब हुआ, जब बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद उसने समय से पहले काम पर आने की आदत नहीं छोड़ी और अंततः उसे नौकरी से निकाल दिया गया. महिला स्पेन के एलिकांटे (Alicante) में स्थित एक डिलीवरी कंपनी में काम करती थी. उसकी आदत थी कि वह सुबह 6:45 बजे से 7:00 बजे के बीच अपने दफ्तर पहुंच जाती थी, जबकि उसके कॉन्ट्रैक्ट में साफ लिखा था कि उसकी शिफ्ट 7:30 बजे शुरू होगी. इसका मतलब यह हुआ कि वह अपने सहकर्मियों की तुलना में अपनी शिफ्ट बहुत पहले शुरू कर देती थी, जिससे उसके मैनेजर नाखुश थे. इस आदत के लिए उसे पहली बार 2023 में फटकार लगाई गई थी, लेकिन उसने मैनेजमेंट की तरफ से मिली हल्की-फुल्की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए जल्दी आना जारी रखा.

साल 2025 की शुरुआत में महिला के बॉस ने उसे ‘गंभीर कदाचार’ (serious misconduct) के लिए नौकरी से निकालने का फैसला किया. बॉस ने तर्क दिया कि इतनी जल्दी आने से कर्मचारी के पास करने के लिए कोई काम नहीं होता था और इसलिए वह कंपनी के लिए कोई योगदान नहीं दे रही थी. यह तर्क दिया गया कि वह कंपनी के बिजली और अन्य संसाधनों का उपयोग भी कर रही थी, जब उसे काम पर नहीं होना चाहिए था. हालांकि, कर्मचारी इस बात से सहमत नहीं थी और उसने एलिकांटे की एक सोशल कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी. युवती को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि अदालत ने उसके नियोक्ता (employer) का पक्ष लिया. कोर्ट ने तर्क दिया कि प्रबंधन की चेतावनियों को बार-बार नजरअंदाज करने से कर्मचारी ने इम्पलॉयी-इम्पलॉयर संबंध पर नकारात्मक प्रभाव डाला था.

अदालत के फैसले में कहा गया है, “कर्मचारी के काम करने के तरीके (बार-बार जल्दी आना) ने कंपनी के साथ भरोसे और वफादारी के रिश्ते को बहुत नुकसान पहुंचाया है. ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि कंपनी ने चेतावनी दी थी कि जल्दी मत आइए, फिर भी इस महिला ने उस बात को लगातार अनदेखा किया और समय से पहले काम पर आना जारी रखा.” कोर्ट ने आगे कहा, “इसलिए यह माना गया कि कर्मचारी का यह व्यवहार आदेश न मानना (अनाज्ञाकारिता), भरोसा तोड़ना और वफादारी की कमी दिखाने वाला एक बहुत गंभीर कदाचार है. ऐसे में कंपनी को उसे नौकरी से निकालने का पूरा अधिकार था.” इस प्रकार कोर्ट ने भी इस आधार पर कंपनी के फैसले को सही माना कि कर्मचारी ने कंपनी के स्पष्ट निर्देशों और चेतावनियों की अवहेलना की, जिससे नियोक्ता और कर्मचारी के बीच विश्वास और वफादारी का बंधन टूट गया, जो किसी भी कार्यस्थल के लिए आवश्यक होता है.

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Niranjan Dubey

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के तौर कार्यरत. इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रिजनल सिनेमा के इंचार्ज. डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मीडिया में सक्रिय. नेटवर्क 18 के अलावा टाइम्स ग्रुप, …और पढ़ें

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शिफ्ट से पहले ही ऑफिस पहुंच जाती थी कर्मी, बॉस ने नौकरी से निकाला, फिर जो हुआ

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