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शुभमन गिल का कप्तान बदला, अब बदलने जा रहा टीम का मालिक भी! डील के लिए तैयार…

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IPL 2025: दुनिया की दिग्गज टीमें और क्रिकेटर जब चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी में व्यस्त हैं, उसी समय आईपीएल में मालिकाना हक बदलने का खेल चल रहा है.

शुभमन गिल का कप्तान बदला, अब बदलने जा रहा टीम का मालिक भी! डील के लिए तैयार...

आईपीएल टीम गुजरात टाइटंस का मालिकाना हक जल्दी ही बदल सकता है.

नई दिल्ली. दुनिया की दिग्गज टीमें और क्रिकेटर जब चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी में व्यस्त हैं, उसी समय आईपीएल में अलग ही खेल चल रहा है. आईपीएल 2025 से पहले ज्यादातर खिलाड़ियों की टीमें तो बदल ही चुकी हैं, अब खबर है कि गुजरात टाइटंस का मालिकाना हक भी बदल सकता है. टोरेंट ग्रुप गुजरात टाइटंस का बड़ा हिस्सा खरीदने की तैयारी में है. अहमदाबाद की फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक फिलहाल सीवीसी कैपिटल पार्टनर्स के पास है.

ईएसपीएन क्रिकइंफो के अनुसार टोरेंट ग्रुप गुजरात टाइटंस के 67% हिस्सा कैपिटल पार्टनर्स से खरीदेगी. गुजरात टाइटंस आईपीएल की दो नई टीमों में से एक है. साल 2021 में आईपीएल में दो नई फ्रेंचाइजी (अहमदाबाद और लखनऊ) जुड़ी थीं. अहमदाबाद की फ्रेंचाइजी को CVC कैपिटल पार्टनर्स ने 5625 करोड़ रुपए में खरीदा था, जिसे गुजरात टाइटंस नाम दिया गया.

Cricinfo के मुताबिक टोरेंट ग्रुप और सीवीसी कैपिटल्स पार्टनर्स के करार की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. इस डील पर अंतिम स्वीकृति आईपीएल गवर्निंग काउंसिल देगी. अगर स्वीकृति मिल जाती है, तो गुजरात टाइटंस का नया मालिकाना हक टोरेंट ग्रुप के पास होगा.

गुजरात टाइटंस अपने पहले ही सीजन में आईपीएल चैंपियन बनी थी. उसने हार्दिक पंड्या की कप्तानी में 2022 में खिताब जीता और 2023 में उपविजेता रही. साल 2024 में हार्दिक पंड्या गुजरात टाइटंस से मुंबई इंडियंस बन गए. इसके बाद 2024 में शुभमन गिल ने गुजरात टाइटंस की कप्तानी संभाली. दिलचस्प बात यह है कि 2024 में जिस टीम को नया कप्तान मिला था, उसे अब 2025 में नया मालिक ही मिलने जा रहा है. माना जा रहा है कि टोरेंट ग्रुप के चेयरमैन सुधीर मेहता के बेटे जीनल मेहता IPL का काम-धाम देखेंगे.

2021 से आईपीएल में एंट्री की कोशिश में है टोरेंट ग्रुप
साल 2021 में जब 2 नई IPL टीमों के लिए बोली 9 टीमों ने बोली लगाई थी.इनमें टोरेंट ग्रुप की सहायक कंपनी टोरेंट स्पोर्ट्स वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल थी. उसने अहमदाबाद के लिए 4653 करोड़ और लखनऊ के लिए 4356 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी. हालांकि, तब दूसरे ग्रुप ने ज्यादा बोली लगाकर फ्रेंचाइजी अपने नाम कर ली थी. टोरेंट ने WPL में भी टीम खरीदने की लेकिन कोशिश की थी.

1959 में बना था टोरेंट ग्रुप
टोरेंट ग्रुप की स्थापना 1959 में उत्तमभाई नाथलाल मेहता ने की थी. अब इस ग्रुप को उनके बेटे सुधीर और समीर चलाते हैं. इस ग्रुप का कोर बिजनेस गैस, फॉर्मा और पावर सेक्टर है.

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