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कुछ गाने ऐसे होते हैं. जिनकी धुन और बोल लोगों के जहन में बस जाते हैं. फिर उन गानों के कितने भी साल क्यों न गुजर जाए. 26 साल पहले ही सुहागरात पर एक गाना आया, जो आज भी लोगों को खूब रिझाता है. इस गाने में न तो कोई डबल मीनिंग शब्द है और न ही किसी तरह की फूड़ता दिखाई गई है.
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सुहागरात की दास्ता बयां करता वो गाना, न कोई शब्द अश्लील, न फूहड़ता