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पिछले एक साल में सोने ने निवेशकों को 50 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया, जबकि सेंसेक्स 1 फीसदी से भी ज्यादा गिर गया. लंबे समय में भी सोना इक्विटी से आगे रहा है.
सोने ने सेंसेक्स को पछाड़ा, एक साल में 50 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया.(Image:AI)नई दिल्ली. सोना एक बार फिर निवेशकों के लिए सबसे बेहतर साबित हो रहा है. पिछले एक साल में जहां सेंसेक्स 1.2% फिसल गया, वहीं सोने ने 50.1% का शानदार रिटर्न दिया. यही नहीं, पिछले तीन, पांच, दस और बीस सालों की तुलना में भी सोना लगातार सेंसेक्स से बेहतर प्रदर्शन करता दिखा है. निवेशकों और वैश्विक सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी ने सोने को इस समय सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश बना दिया है.
हर टाइमफ्रेम में सोना आगे
पिछले तीन सालों में सोने ने औसतन 29.7% रिटर्न दिया, जबकि सेंसेक्स का रिटर्न सिर्फ 10.7% रहा. पांच सालों में सोना 16.5% और सेंसेक्स 16.1% पर रहा. लंबे समय की बात करें तो दस सालों में सोना 15.4% और सेंसेक्स 12.2% पर रहा, जबकि बीस सालों में भी सोना 15.2% और सेंसेक्स 12.2% पर ही रहा. यानी चाहे शॉर्ट टर्म हो या लॉन्ग टर्म, सोना लगातार इक्विटी मार्केट से बेहतर रहा है.
क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि दुनिया भर के देश डॉलर रिज़र्व से हटकर सोने पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं. यह न सिर्फ महंगाई से बचाव है बल्कि करेंसी के उतार-चढ़ाव से भी सुरक्षा देता है. अमेरिका की फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें घटाने की संभावना और डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता ने सोने को और मजबूत बनाया है.
आगे का रुझान और निवेश रणनीति
हालांकि, सोने में हालिया तेजी के बाद एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में रिटर्न उतने जबरदस्त नहीं रहेंगे. उनका सुझाव है कि पोर्टफोलियो में 10-15% का गोल्ड एलोकेशन जरूरी है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि करेक्शन आने पर सोना खरीदना बेहतर रणनीति होगी. दूसरी तरफ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अभी गोल्ड इक्विटी की तुलना में ओवरवैल्यूड है. इतिहास गवाह है कि जब गोल्ड-टू-सेंसेक्स रेशियो 0.8 से नीचे जाता है, तो आने वाले 3 सालों में सेंसेक्स ने औसतन 25% से ज्यादा रिटर्न दिया है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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