[ad_1]
Last Updated:
Ichchadhari Nagin Movie Hindi : बॉलीवुड में लव-रोमांस-एक्शन से हटकर भी कई फिल्में बनाई गई हैं. कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं तो कुछ फ्लॉप भी हुईं. जब भी ऐसी फिल्में बनाने का जोखिम डायरेक्टर ने उठाया तो डिस्ट्रीब्यूटर्स से लेकर इंडस्टी के जानकारों-शुभचिंतकों ने इनके असफल होने की आशंका जाहिर की. यह बात अलग है कि उनकी आशंका गलत साबित हुई. 10 साल के अंतराल में ऐसी ही दो फिल्में आई थीं, जिन्हें सबने फ्लॉप कहा था. जब ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर आईं तो इतिहास रच दिया. ये दोनों फिल्में एक जैसी ही थी. दोनों की स्टोरी लाइन लगभग एक जैसी थी.

70-80 के दशक में एक्शन-रोमांटिक फिल्मों का दौर था. इस दौर में दो फिल्में ऐसी भी आईं जिनकी कहानी बिल्कुल अलग थी. ये फिल्में जब बन रही थीं तो डायरेक्टर-प्रोड्यूसर से हर किसी ने यही कहा कि ये फिल्में नहीं चलेंगी. यहां तक कि डिस्ट्रीब्यूटर्स ने इन फिल्मों में पैसे लगाने से इनकार कर दिया. सबको लग रहा था कि इन फिल्मों की कहानी को दर्शक पसंद नहीं करेंगे. यह भी संयोग ही है कि दोनों फिल्में 10 साल के अंतराल में आईं. दोनों ही फिल्मों ने रिलीज होते ही इतिहास रच दिया. ये फिल्में थीं : नागिन और नगीना.

नागिन जहां 19 जनवरी 1976 को रिलीज हुई, वहीं नगीना 28 नवंबर 1986 को सिनेमाघरों में आई थी. नागिन फिल्म में रीना रॉय, सुनील दत्त, फिरोज खान, जीतेंद्र, संजय खान, रेखा, मुमताज और कबीर बेदी नजर आए थे. वहीं नगीना में श्री देवी, ऋषि कपूर, अमरीश पुरी, प्रेम चोपड़ा लीड रोल में थे.

सबसे पहले बात करते हैं नगीना फिल्म की. जगमोहन कपूर ने फिल्म की कहानी लिखी थी. डायलॉग डॉ. अचला नागर ने लिखे थे. फिल्म का डायरेक्शन-प्रोडक्शन हर्मेश मल्होत्रा ने किया था. स्क्रीनप्ले रवि कपूर ने लिखा था. यह फिल्म श्रीदेवी के करियर के लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुई. वह बॉलीवुड की पहली फीमेल सुपरस्टार बन गईं.
Add News18 as
Preferred Source on Google

नगीना फिल्म के बनने की कहानी का किस्सा बेहद दिलचस्प है. इसके लिए हर्मेश मल्होत्रा के बारे में जानना जरूरी है. हर्मेश मल्होत्रा ने बतौर डायरेक्टर अपना करियर 1969 में आई फिल्म ‘बेटी’ के साथ शुरू किया था. फिर उन्होंने गद्दार, पत्थर और पायल फिल्म बनाई. कुछ फिल्में बीच में ही बंद हो गईं. ऐसी ही एक फिल्म थी शेरनी. शेरनी फिल्म में शत्रुघ्न सिन्हा और श्रीदेवी काम कर रहे थे. यह फिल्म शत्रुघ्न सिन्हा के सेक्रेटरी पवन कुमार बना रहे थे. फिल्म लगातार डिले हुई तो बंद हो गई.

श्रीदेवी ने 1979 में सोलहवां सावन से बॉलीवुड में डेब्यू किया था लेकिन यह मूवी फ्लॉप हो गई थी. फिर हिम्मतवाला, मवाली, जस्टिस चौधरी और जानी दोस्त ने उन्होंने बॉलीवुड में पकड़ मजबूत की. इसी बीच 1983 में उनकी फिल्म सदमा आई. फिल्म फ्लॉप रही लेकिन उनके काम की बहुत तारीफ हुई. यह फिल्म कल्ट क्लासिक साबित हुई. हिंदी दर्शकों में उनके प्रति दीवानगी बढ़ी. धर्मेश की शेरनी फिल्म बंद हो गई थी. उनके पास जब नगीना फिल्म की स्क्रिप्ट आई, तो उन्होंने जया प्रदा से संपर्क किया लेकिन उन्होंने सांपों से डर लगने की बात कहकर फिल्म करने से इनकार कर दिया.

श्रीदेवी से हर्मेश मल्होत्रा ने संपर्क किया. फिल्म की कहानी नायिका प्रधान थी. श्रीदेवी की मां ने उन्हें यह फिल्म करने की सलाह दी. लीड हीरो के रोल के लिए ऋषि कपूर को फाइनल किया गया. श्री देवी के साथ उनकी यह पहली फिल्म थी. श्री देवी उन दिनों हिंदी नहीं जानती थीं, इसलिए किसी से ज्यादा बात नहीं करती थीं. वैसे भी श्री देवी बहुत ही रिजर्व नेचर की थीं.

नगीना फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था. फिल्म में 32:22 मिनट के 5 गाने थे. सभी गाने चार्टबस्टर थे. फिल्म के पॉप्युलर गानों में ‘तूने बेचैन इतना ज्यादा किया’, ‘मैं तेरी दुश्मन, दुश्मन तू मेरा’, ‘बलमा तुम बलमा हो मेरे खाली नाम के’, ‘भूली बिसरी एक कहानी’ और ‘आजकल याद कुछ और रहता नहीं’ शामिल थे.

फिल्म का सबसे पॉप्युलर सॉन्ग ‘मैं तेरी दुश्मन, दुश्मन तो मेरा’ था. यह गाना 1983 की एक फॉक ट्यून से इंस्पायर्ड था. अफगानिस्तान के संगीतकार बहाउद्दीन ने तंबूर पर यह धुन बजाई थी. तबले पर उनके साथ गुलाम सफी थे. यह गाना पूरे देश की गली-कस्बों, बस अड्डों-रेलवे स्टेशन से लेकर रेडियो स्टेशन में बजा. यह गाना आज भी शादी-विवाह में सुनाई दे जाता है. मजेदार बात यह भी है कि जब फिल्म का सेट तोड़ा जा रहा था, तो सिर्फ एक दीवार बची थी. उसी समय यह गाना फिल्माया गया था.

फिल्म में श्री देवी का काम बहुत जबर्दस्त था. नगीना में श्री देवी को शूटिंग के दौरान आंखों में लैंस लगाने पड़ते थे. लैंस बहुत अच्छी क्वालिटी के नहीं थे. उन्हें आंखों में जलन होने लगी. डॉक्टरों ने लैंस ना लगाने की सलाह दी लेकिन वो नहीं मानी. किसी तरह फिल्म पूरी की. इस फिल्म का असर यह हुआ कि दर्शक मानने लगे थे कि इच्छाधारी नागिन होती है. रात में ‘मैं तेरी दुश्मन’ गाना नहीं बजाते थे. इस फिल्म के लोगों के मन में इस धारणा ने भी जन्म लिया कि जो सर्प काटता है, वही अगर जहर उतारे तो इंसान जिंदा हो सकता है. सर्प में नागमणि होती है, इसकी धारणा और मजबूत हुई.

अब बात करते हैं 1976 में आई फिल्म नागिन की जिसे डायरेक्टर-प्रोड्यूसर राजकुमार कोहली ने बनाया था. राजकुमार कोहली मल्टी स्टारर फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं. नागिन फिल्म में पहली बार 11 सुपरस्टार एक साथ नजर आए थे, इनमें से 5 हीरो विलेन बने थे. फिल्म की सफलता ने एक्ट्रेस रीना रॉय को रातोंरात स्टार बना दिया था. यह फिल्म बॉलीवुड के लिए मील का पत्थर साबित हुई. इस मूवी से इंस्पायर्ड होकर कई फिल्में और सीरियल्स बने. ये फिल्में-सीरियल्स लोकप्रिय भी हुए. नगीना की कहानी राजेंद्र सिंह लिखी थी. फिल्म 1963 में प्रकाशित फ्रेंच उपन्यास ‘द ब्राइड वोर ब्लैक (The Bride Wore Black) से इंस्पायर्ड थी.

नागिन फिल्म में सुनील दत्त, अनिल धवन, योगिता बाली, रीना रॉय, जीतेंद्र, फिरोज खान, संजय खान, रेखा, मुमताज और कबीर बेदी अहम भूमिकाओं में थे. नागिन फिल्म में भी म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था. ‘तेरे संग प्यार में नहीं तोड़ना’ और ‘तेरे इश्क का मुझपे हुआ ये असर है..’ ये दोनों सॉन्ग आज भी उतने ही फ्रेश हैं. करीब 90 लाख रुपये के बजट में बनी नागिन फिल्म ने 7 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. 1976 में यह तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. नगीना और नागिन दोनों फिल्मों के फ्लॉप होने की आशंका जाहिर की गई थी लेकिन वर्डिक्ट इसके ठीक उलट रहा. नागिन से जहां रीना रॉय की किस्मत रातोंरात बदली, वहीं ठीक 10 साल बाद आई ‘नगीना’ से श्रीदेवी की किस्मत का सितारा बुलंद हुआ.
[ad_2]
Source link