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1980 की फिल्म, जीनत अमान को जिसके लिए करना पड़ा ‘समझौता’, अमिताभ बच्चन-शत्रुघ्न सिन्हा थे बड़ी वजह

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नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा के इतिहास 100 सालों से ज्यादा का हो गया है. इन 100 सालों में कई सितारों ने पर्दे पर तहलका मचाया. कुछ अपने गुस्से के लिए जाने गए, तो कोई अडियनपन के लिए. किसी की पंक्चुअलिटी की खूब तारीफे हुई, तो कई स्टार्स तो ऐसे रहे, जिन्होंने कभी सेट पर टाइम से न आने की कसम सी खा रखी थी. साल 1980 की क्वलासिक कल्ट फिल्म, जिसमें जीनत अमान के साथ अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा नजर आए. फिल्म का राज खोसला ने डायरेक्ट किया. इस फिल्म के लिए जीनत अमान को को एक बड़ा समझौता करना पड़ा था. इसका खुलासा हाल ही में शर्मिला टैगोर ने किया है.

शर्मिला टैगोर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा लगभग 65 सालों से रही हैं. हाल ही में SCREEN के साथ एक बातचीत में, दिग्गज एक्ट्रेस ने याद किया कि शत्रुघ्न सिन्हा हमेशा सेट पर देर से आते थे. उन्होंने बताया कि जब ‘दोस्ताना’ की शूटिंग हो रही थी तो अमिताभ बच्चन अपने शेड्यूल टाइमिंग के पक्के थे, लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा हमेशा देर से आते थे. इस कारण से जीनत अमान को अपने शेड्यूल को लिए दोनों स्टार्स को लेकर समझौता करना पड़ता था.

‘शत्रुघ्न सिन्हा टाइम पर आने के कभी काबिल नहीं’
शर्मिला टैगोर ने याद करते हुए कहा, ‘शशि कपूर के बाद, अमिताभ बच्चन ही एकमात्र एक्टर रहे, जो समय पर सेट आते थे. ‘दोस्ताना’ में अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा और जीनत अमान थे. शत्रुघ्न सिन्हा हमेशा देर से आते थे. ‘अनुपमा’ एक्ट्रेस ने आगे बताया कि शत्रुघ्न अपनी शादी में भी देर से पहुंचे थे और संसद सदस्य के रूप में भी देर से आते थे. उन्होंने तंज करते हुए कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा टाइम पर आने के कभी काबिल ही नहीं हुए.

जीनत ने अपने शेड्यूल को दोनों के मुताबिक मैनिज किया
एक्ट्रेस ने बातचीत में आगे बताया कि उस फिल्म (दोस्ताना) के लिए शिफ्ट सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक थी. ठीक 2 बजे बच्चन साहब की कार निकल जाती थी और शत्रुघ्न सिन्हा की कार अंदर आती थी. शर्मिला टैगोर ने आगे कहा, ‘आप कल्पना कर सकते हैं कि राज खोसला ने फिल्म बनाते समय अपने सारे बाल खो दिए. आपको एक ही फ्रेम में अमिताभ, शत्रुघ्न और ज़ीनत नहीं मिलेंगे. जीनत ने अपने शेड्यूल को दोनों के समय के मुताबिक मैनिज किया.

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साल 1980 में फिल्म रिलीज हुई थी.

शत्रुघ्न शानदार इंसान हैं, बस वो…
ज्यादातर सीन्स के लिए निर्देशक को बॉडी डबल की मदद लेनी पड़ती थी, पीछे से शूटिंग करते हुए डुप्लीकेट का सिर दिखाना पड़ता था. शर्मिला ने आगे कहा- शत्रुघ्न इसे मजे के लिए करते थे, किसी को परेशान करने की उनकी कोई इरादा नहीं होता था. वह शानदार इंसान हैं. वह बस सेट पर समय पर आने के लिए नहीं बने.

शबाना आजमी ने भी शत्रुघ्न सिन्हा को बताया था लेटलतीफ
हाल ही में, शबाना आजमी ने भी वर्किंग कल्चर के बारे में बात की थी. शबाना आजमी ने भी अमिताभ बच्चन पंक्चुअलिटी की तारीफ की थी. रेडियो नशा के साथ एक बातचीत में, शबाना आजमी ने एक किस्सा याद करते हुए कहा था, ‘हम एक साथ 12 फिल्मों पर काम करते थे. मैं फिल्म ‘नमकीन’ में काम कर रही थी, जिसमें संजीव कुमार थे. फिल्म की शूटिंग फिल्म सिटी में होती थी और शिफ्ट सुबह 7 बजे शुरू होती थी. लेकिन संजीव कुमार कभी 11:30 बजे से पहले नहीं आते थे. मैं अपनी मां से कहती थी, ‘मां प्लीज मुझे इतनी जल्दी मत उठाओ, हीरो कभी समय पर नहीं आता.’ उन्होंने बताया था कि संजीव कुमार 11:30 बजे आते थे और चार-पांच शॉट्स के बाद, मैं ‘फिल्मिस्तान’ के लिए दौड़ती थी. वहां, 2 से 10 शिफ्ट होती थी. शत्रुघ्न सिन्हा 7 बजे आते थे. इन दोनों की तुलना में राजेश खन्ना बेहतर थे.

Tags: Amitabh bachchan, Sharmila Tagore, Shatrughan Sinha, Zeenat aman

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