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1981 की वो फिल्म, जिसके फ्लॉप होते ही डायरेक्टर लेना चाहते थे खुद की जान, आज कर रहे बॉलीवुड पर राज

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नई दिल्ली. फिल्मों के फ्लॉप होने की वजह से मेकर्स को करोड़ों के नुकसान के साथ ही काफी गहरा सदमा भी लगता है. कई बार किसी फिल्म के फ्लॉप होने का मेकर्स पर मानसिक तौर पर ऐसा असर पड़ता है कि वो फिल्मों से कई साल का ब्रेक ले लेते हैं. लेकिन बॉलीवुड में एक ऐसे फिल्ममेकर हैं जिनकी डेब्यू फिल्म फ्लॉप हुई तो वो इतने निराश हो गए कि उन्होंने अपनी जान लेने का फैसला कर लिया था. दिग्गज डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने 13 दिसंबर को आई फिल्म ‘जीरो से रीस्टार्ट’ के प्रमोशन के दौरान इस बात का जिक्र किया कि डेब्यू फिल्म के फ्लॉप होते ही उनकी सारी उम्मीद टूट गई थी.

फिल्म प्रमोशन के दौरान एनडीटीवी से बात करते हुए डायरेक्टर कहते हैं, ‘कई लोगों को ये बात झूठ लगती है और वो इसपर यकीन नहीं करते हैं. लेकिन ये बिल्कुल सच है कि फिल्म के फ्लॉप होते ही मैंने अपनी जान लेने का फैसला कर लिया था. मैं अलग ही दुनिया में जी रहा था. मैं लोनावला हाईवे पर खड़ा होकर मेरी तरफ आती हुई ट्रक को देख रहा था’.

बुरी तरह पिट गई थी फिल्म
विधु विनोद चोपड़ा आगे कहते हैं कि अपने परिवार और चाहनेवालों के बारे में सोचकर उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए और अपनी जान नहीं ली. ये वाकया उनकी डेब्यू फिल्म ‘सजाए मौत का’ है. 1981 में आई फिल्म ‘सजाए मौत’ बॉक्स-ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही थी. इसको दर्शकों ने सिरे से नकार दिया था.

‘जीरो से रीस्टार्ट’ को नहीं मिले दर्शक
वो आगे कहते हैं, ‘मुझे करीब से जानने वाले लोग इस बात से हैरान होंगे कि मैंने ऐसा सोचा या फिर मेरे दिमाग में ऐसा ख्याल आय़ा. लेकिन ये कहना ठीक है कि ऐसा होता है. आप परफेक्ट नहीं होते हो. आप अपनी जंग लड़ते हो कुछ में आपकी जीत होती है तो कुछ में आप हार जाते हो. जिंदगी की मजा जीतने में नहीं हर लड़ाई को बहादुरी से लड़ने में है’. बता दे, जीरो से रीस्टार्ट पिछले साल आई फिल्म 12वीं फेल की डॉक्यूमेंट्री है. फिल्म का रनिंग टाइम 1घंटे 15 मिनट है जो फिल्म के बीटीएस को दर्शाती है. ये फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर नहीं चली.

FIRST PUBLISHED : December 25, 2024, 12:33 IST

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