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2004 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल: वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को हराया

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साल 2004 के चैम्पियंस ट्रॉफी फाइनल को कौन भूल सकता है. जहां वेस्टइंडीज के पुछल्ले बल्लेबाजों ने  मेजबान इंग्लैंड के जबड़े से मैच छीन लिया था. वेस्टइंडीज की टीम जहां पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने में कामयाब रह…और पढ़ें

गिर गए थे 8 विकेट,बचे थे 70 रन फिर भी अपने मैदान पर कैसे हारा इंग्लैंड

2004 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में ब्राउन और ब्रैडशॉ ने जीता हारी हुई बाजी

हाइलाइट्स

  • वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 2004 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में हराया.
  • ब्रैडशॉ और ब्राउन ने 71 रन की साझेदारी कर वेस्टइंडीज को जीत दिलाई.
  • इयान ब्रैडशॉ ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए.

नई दिल्ली. 1998 से शुरु हुए चैम्पियंस ट्रॉफी के इतिहास में एक से बढ़कर एक मुकाबले खेले गए हैं. इसी कड़ी में साल 2004 के चैम्पियंस ट्रॉफी फाइनल को कौन भूल सकता है. जहां वेस्टइंडीज के पुछल्ले बल्लेबाजों ने  मेजबान इंग्लैंड के जबड़े से मैच छीन लिया था. वेस्टइंडीज की टीम जहां पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने में कामयाब रही थी, वहीं इंग्लैंड का खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया था. वो मुकाबला चैम्पियंस ट्रॉफी के इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में गिना जाता है.

2004 के चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल  लंदन के ‘द ओवल’ में खेला गया. उस मुकाबले में टॉस वेस्टइंडीज ने जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया.  मेजबान इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करते हुए 49.4 ओवरों में 217 रन बनाए थे. ओपनर बल्लेबाज मार्कस ट्रेस्कोथिक ने सबसे ज्यादा 124 गेंदों पर 104 रन बनाए, जिसमें 14 चौके शामिल रहे. इसके अलावा एश्ले जाइल्स (31), एंड्रयू स्ट्रॉस (18) और पॉल कॉलिंगवुड (16) ही दोहरे अंकों में पहुंच सके थे.

टॉप आर्डर ने दी टेंशन 

तेज गेंदबाजों के अनकूल पिच पर फ्लिंटॉफ , हार्मिसन ने शानदार गेंदबाजी करेत हुए 218 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी  वेस्टइंडीज की शुरुआत खराब कर दी . वेस्टइंडीज ने 80 रनों के स्कोर तक अपने पांच विकेट खो दिए थे. क्रिस गेल (23), वेवल हिंड्स (3), रामनरेश सरवन (5), कप्तान ब्रायन लारा (14) और ड्वेन ब्रावो (0) ने बल्ले से निराश किया था. शिवनारायण चंद्रपॉल ने जरूर क्रीज पर टिकने की कोशिश की और 6 चौके की मदद से 66 गेंदों पर 47 रन बनाए. पॉल कॉलिंगवुड ने चंद्रपॉल को आउट करके वेस्टइंडीज को पूरी तरह बैकफुट पर ढकेल दिया था. पर इसके बाद जो हुआ उसकी किसी को उम्मीद नहीं था.

ब्रैडशॉ-ब्राउन ने जीता बाजी 

जब शिवनारायण चंद्रपॉल 34वें ओवर में आउट हुए तो वेस्टइंडीज का स्कोर 8 विकेट पर 147 रन था और उसकी हार लगभग तय नजर आ रही थी. लेकिन इसके बाद नंबर-9 पर विकेट कीपर कर्टनी ब्राउन और नंबर-10 गेंदबाज इयान ब्रैडशॉ ने ऐसी बल्लेबाजी की, जिसने हारी बाजी पलट दी. कर्टनी ब्राउन और इयान ब्रैडशॉ ने नौवें विकेट के लिए नाबाद 71 रनों की साझेदारी करके वेस्टइंडीज को 7 गेंद बाकी रहते ही 2 विकेट से मैच जिता दिया. इंग्लैंड की तरफ से हार्मिसन और फ्लिंटॉफ ने लगातार अटैकिंग गेंदबाजी की पर दोनों टेलेंडर्स मानो सोच कर आए थे कि टीम को ट्रॉफी तर पहुंचा के ही दम लेंगे. विकेटकीपर कर्टनी ब्राउन ने 55 गेंदों पर नॉटआउट 35 रन बनाए, जिसमें 2 चौके शामिल रहे. जबकि ब्रैडशॉ 51 गेंदों पर 34 रन बनाकर नॉटआउट लौटे. ब्रैडशॉ ने अपनी पहली पारी में 5 चौके लगाए. इंग्लैंड की तरफ से एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए. वहीं पॉल कॉलिंगवुड और स्टीव हार्मिसन को दो-दो सफलता हाथ लगी. इयान ब्रैडशॉ ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और रामनरेश सरवन ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुने गए थे. इस फाइनल मैच को चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास के सबसे रोमांचक मैचों में शुमार किया जाता है.

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