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70 के दशक का वो दौर था, जब हिंदी सिनेमा अपनी खूबसूरती, सादगी और चुलबुले रोमांस के कारण दर्शकों के दिलों पर राज करता था. इन्हीं सुनहरे सालों में एक ऐसा गाना आया, जिसने हेमा मालिनी की दिलकश अदाओं और धर्मेंद्र की दीवानगी को पर्दे पर अमर कर दिया. साल 1972 में आई फिल्म राजा जानी का आइकॉनिक गीत ‘दुनिया का मेला, मेले में लड़की’, जिसे लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज से सजाया, आज भी उतनी ही मोहब्बत के साथ याद किया जाता है. गाने में हेमा मालिनी का मासूम सा नटखट अंदाज और धर्मेंद्र की नजरों में झलकती दीवानगी, दर्शकों को उस वक्त भी दीवाना बना देती थी और आज भी पुराने गीतों के शौकीन इसे बार-बार सुनते नहीं थकते. रंग-बिरंगे लहंगे में थिरकती हेमा की मुस्कान, घुंघरू की छनक और नखरे-सब कुछ इतना मनमोहक कि धर्मेंद्र का किरदार राजा उस पर लट्टू हो जाता है. मेला की भीड़ में हेमा की शरारतें देख राजा की आंखें फटी की फटी रह जाती हैं और दर्शक भी तमाशा देखते रह जाते हैं. ये गाना न सिर्फ फिल्म का हाइलाइट था, बल्कि धर्मेंद्र-हेमा की रियल लाइफ रोमांस की शुरुआत भी मानी जाती है.
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