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Agency:Local18
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Kerala News: केरल के कन्नूर का भास्करन, जो 34 साल पहले पैरोल पर जेल से भागा था, अचानक वापस लौट आया है. हत्या के दोषी भास्करन ने गुमनामी में जीवन बिताया और अब अधूरी सजा काटने को तैयार है.
पैरोल पर जेल से बाहर गया था कैदी.
केरल के कन्नूर जिले से एक अनोखी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है. कहानी भास्करन नाम के एक कैदी की है, जो 34 साल पहले पैरोल पर जेल से बाहर गया था पर वापस नहीं लौटा. हालांकि, अचानक से भास्करन फिर से जेल लौट आया है. ये अतरंगी खबर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है.
हत्या के मामले में हुई थी सजा
मूल रूप से भास्करन कन्नूर जिले का निवासी है. 1980 के दशक में हत्या के मामले में भास्करन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. वो जेल में अपनी सजा काट रहा था. लेकिन 1989 में, भास्करन को कुछ दिनों के लिए पैरोल पर छोड़ा गया. हालांकि, पैरोल की अवधि खत्म होने के बाद भी वो वापस जेल नहीं लौटा और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया.
बची हुई सजा काटने के लिए वापस लौटा शख्स
जेल न लौटने पर जेल प्रशासन और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की. लेकिन वो कहीं भी नहीं मिला. समय बीतता गया, और धीरे-धीरे लोग मानने लगे कि शायद वो मर चुका होगा. प्रशासन ने भी उसकी फाइल को लगभग बंद कर दिया. हालांकि, 34 साल बाद (2023 में) भास्करन अचानक जेल लौटा और अधिकारियों से कहा कि वो अब अपनी बची हुई सजा काटने के लिए तैयार है. उसकी इस हरकत से जेल प्रशासन और पुलिस भी हैरान रह गई.
इतने सालों तक कहां छिपा रहा भास्करन?
भास्करन ने अपनी गुमशुदगी के 34 सालों के बारे में खुलासा किया. उसने बताया कि वो इन सालों के दौरान अलग-अलग जगहों पर छिपा रहा. वो कभी किसी बड़े शहर में नहीं गया और हमेशा छोटी जगहों पर काम करता रहा. उसने अपनी पहचान बदल ली थी और गुमनामी में जीवन बिताया. वो किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था और खुद को नजरों से दूर रखने की पूरी कोशिश करता था. लेकिन इतने सालों बाद, शायद उसे ये एहसास हुआ कि कानून से बच पाना संभव नहीं है.
January 21, 2025, 18:42 IST
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